India China Border: करीब छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद पूर्वी सिक्किम स्थित नाथूला पास से भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार एक बार फिर शुरू हो गया है। कोविड-19 महामारी और उसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर बढ़े तनाव के कारण वर्ष 2020 में इस व्यापार मार्ग को बंद कर दिया गया था। अब व्यापार दोबारा शुरू होने से सिक्किम के व्यापारियों, स्थानीय उद्यमियों और युवाओं में उत्साह का माहौल है। भारत और चीन को जोड़ने वाले प्राचीन सिल्क रूट का हिस्सा रहा नाथूला पास ऐतिहासिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। व्यापार बहाल होने के अवसर पर नाथूला में एक औपचारिक समारोह आयोजित किया गया, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
छह साल बाद फिर खुला व्यापार का रास्ता
नाथूला पास से सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने को सिक्किम के लिए बड़ी आर्थिक उपलब्धि माना जा रहा है। इस मार्ग के बंद रहने से स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था और कई व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई थीं। अब व्यापार बहाल होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, उन व्यापारियों को भी राहत मिलेगी जिनका सामान या भुगतान व्यापार बंद होने के कारण सीमा के दूसरी ओर अटका हुआ था।
India China Border: सरकार की पहल से मिली नई शुरुआत
सिक्किम के पर्यटन, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री शेरिंग थेंडुप भूटिया ने इस मौके को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने लगातार केंद्र सरकार के साथ संवाद बनाए रखा, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग और संबंधित मंत्रालयों के समन्वय से यह संभव हो पाया। मंत्री ने कहा कि सिक्किम जैविक उत्पादों, हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग के लिए जाना जाता है। सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने से इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का नया अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
व्यापारियों में उत्साह, पास जारी करने की प्रक्रिया तेज
सीमा व्यापार शुरू होने के बाद स्थानीय व्यापारी संगठनों ने फैसले का स्वागत किया है। इंडो-चाइना नाथूला बॉर्डर ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव अनिल गुप्ता ने बताया कि लगभग 500 व्यापारियों ने व्यापारिक पास के लिए आवेदन पत्र लिए थे, जिनमें से करीब 300 आवेदन जमा हो चुके हैं। दस्तावेजों की जांच तेजी से की जा रही है और अगले दो सप्ताह में योग्य व्यापारियों को पास जारी कर दिए जाएंगे। व्यापारियों का मानना है कि इस फैसले से सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियां फिर से तेज होंगी और वर्षों से प्रभावित कारोबार को नई ऊर्जा मिलेगी।
India China Border: व्यापारिक वस्तुओं की सूची बढ़ाने की मांग
व्यापार शुरू होने के साथ ही व्यापारियों ने केंद्र सरकार से व्यापार योग्य वस्तुओं की सूची में बदलाव करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि वर्तमान सूची काफी पुरानी है और इसमें मुख्य रूप से पारंपरिक वस्तुएं जैसे घोड़े, भेड़ और कुछ सामान्य सामान ही शामिल हैं। व्यापारियों का सुझाव है कि बदलते समय की जरूरतों को देखते हुए औद्योगिक उत्पादों और आधुनिक व्यापारिक वस्तुओं को भी सूची में शामिल किया जाए। इसके लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) को प्रस्ताव भेजा गया है। यदि इस मांग पर सहमति बनती है तो नाथूला सीमा व्यापार भविष्य में भारत और चीन के बीच आर्थिक सहयोग का और भी मजबूत माध्यम बन सकता है।
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