8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी खबरों के बीच एरियर को लेकर चर्चा तेज है। कर्मचारियों को यह जानने में दिलचस्पी है कि नई सैलरी लागू होने के बाद उन्हें कितना फायदा मिल सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि देरी होने पर कर्मचारियों को 17 लाख रुपये तक का एरियर मिल सकता है।
8th Pay Commission: कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग और क्यों मिलेगा एरियर-
आमतौर पर नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है। हालांकि, आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने और सरकार द्वारा उसे लागू करने में 18 से 24 महीने का समय लग सकता है। ऐसे में अगर रिपोर्ट 2027 के मध्य में आती है, तो 1 जनवरी 2026 से लागू होने की तारीख तक की बढ़ी हुई सैलरी का एरियर मिल सकता है।
8th Pay Commission: कैसे होगा एरियर का कैलकुलेशन-
एरियर की गणना मुख्य रूप से नई और पुरानी बेसिक पे के अंतर और देरी के महीनों पर निर्भर करेगी। इसका अनुमानित फॉर्मूला इस तरह है:
(नई बेसिक पे – पुरानी बेसिक पे) × देरी के महीने = अनुमानित एरियर
इसमें फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) की भी अहम भूमिका होगी। फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी और संभावित एरियर की रकम उतनी ही अधिक हो सकती है।
लेवल 6 के कर्मचारियों को कितना मिल सकता है-
लेवल 6 के कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक पे 35,400 रुपये है। 2.15 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर 20 महीने का अनुमानित एरियर करीब 8.14 लाख रुपये और 24 महीने का करीब 9.77 लाख रुपये हो सकता है। वहीं, 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर 20 महीने का एरियर करीब 11.12 लाख रुपये और 24 महीने की देरी पर करीब 13.34 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
लेवल 7 के कर्मचारियों को कितना फायदा-
लेवल 7 के कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक पे 44,900 रुपये है। 2.15 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर 20 महीने का एरियर करीब 10.33 लाख रुपये और 24 महीने का करीब 12.39 लाख रुपये हो सकता है। अगर 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो 24 महीने की देरी पर एरियर करीब 16.92 लाख रुपये यानी लगभग 17 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
लेवल 8 के कर्मचारियों का कितना बनेगा एरियर-
लेवल 8 के कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक पे 47,600 रुपये है। 2.15 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर 20 महीने का एरियर करीब 10.95 लाख रुपये और 24 महीने की देरी पर करीब 13.14 लाख रुपये हो सकता है।
HRA और दूसरे भत्तों का क्या होगा-
ऊपर दिया गया गणित केवल बेसिक पे में संभावित बढ़ोतरी पर आधारित है। HRA बेसिक पे से जुड़ा होता है, इसलिए नई सैलरी लागू होने पर इसमें भी बदलाव हो सकता है। वहीं, महंगाई भत्ता (DA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस का हिसाब अलग नियमों के तहत तय होता है।इसलिए हर भत्ते के एरियर की गणना इसी फॉर्मूले से होगी, ऐसा मानना सही नहीं होगा।
फिटमेंट फैक्टर पर रहेगी नजर-
8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने और सिफारिशें लागू होने में कितना समय लगता है, यह एरियर की रकम के लिए अहम होगा। हालांकि, अंतिम एरियर और सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर और सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।









