Home » राष्ट्रीय » अभिजीत दिपके ने विपक्ष की रैली से क्यों बनाई दूरी? ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद उठे कई सवाल

अभिजीत दिपके ने विपक्ष की रैली से क्यों बनाई दूरी? ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद उठे कई सवाल

ममता बनर्जी से मिले CJP संस्थापक, जानें वजह
ममता बनर्जी से मिले CJP संस्थापक, जानें वजह

CJP Strategy: दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बड़ी रैली होने से पहले एक राजनीतिक मुलाकात चर्चा में आ गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की।इस मुलाकात के बाद CJP ने विपक्ष के कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे और इसके खिलाफ हो रहे आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। हालांकि, संगठन ने रामलीला मैदान में होने वाली रैली के मुख्य मंच और प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आंदोलन का समर्थन करने के बावजूद CJP ने रैली से दूरी क्यों बनाई है?

CJP Strategy: ममता बनर्जी से मुलाकात की क्या थी वजह?

अभिजीत दिपके ने ममता बनर्जी से मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का मकसद ममता बनर्जी का आभार जताना था।दिपके के मुताबिक, जब CJP ने जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के आंदोलनों की शुरुआत की थी, तब ममता बनर्जी ने उनका समर्थन किया था। इसके अलावा, जब दिल्ली पुलिस ने संगठन के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को गिरफ्तार किया था, तब भी ममता बनर्जी ने युवा कार्यकर्ताओं के पक्ष में आवाज उठाई थी।ममता बनर्जी ने भी इन युवा कार्यकर्ताओं की तारीफ की। उन्होंने उन्हें इस नए राजनीतिक संघर्ष का पायनियर बताया और पश्चिम बंगाल आकर कार्यक्रम आयोजित करने का न्योता दिया।

समर्थन के बावजूद रैली में क्यों शामिल नहीं होगी CJP?

इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान में होने वाली रैली में CJP की भागीदारी को लेकर अभिजीत दिपके ने अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि उनका संगठन कथित वोट चोरी के खिलाफ उठने वाली हर आवाज और इस मुद्दे पर संघर्ष करने वाले संगठनों के साथ खड़ा है।हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी एक स्वतंत्र और तटस्थ मंच है। संगठन किसी राजनीतिक दल या गठबंधन का स्थायी हिस्सा नहीं बनना चाहता।CJP का मानना है कि किसी राजनीतिक गठबंधन से जुड़ने पर उसकी स्वतंत्र पहचान और निष्पक्ष छवि प्रभावित हो सकती है। इसलिए संगठन अपनी अलग पहचान बनाए रखते हुए युवाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहता है।

CJP Strategy: अभिजीत दिपके की ममता से मुलाकात के क्या मायने?
अभिजीत दिपके की ममता से मुलाकात के क्या मायने?
CJP Strategy: राजनीतिक दलों के साथ जुड़ने से क्यों बच रही है CJP?

नए युवा संगठनों के लिए अपनी अलग पहचान बनाए रखना काफी अहम होता है। वे नहीं चाहते कि उन्हें किसी पारंपरिक राजनीतिक दल के साथ जोड़कर देखा जाए।CJP भी यही संदेश देना चाहती है कि वह किसी पार्टी के निर्देश पर काम करने वाला संगठन नहीं है। इसके बजाय, वह युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर अपने तरीके से आवाज उठाना चाहती है।यही वजह है कि संगठन ने इंडिया गठबंधन के मुद्दों का समर्थन तो किया है, लेकिन उसकी रैली और मुख्य प्रदर्शन में शामिल होने से दूरी बनाए रखी है।

CJP की रणनीति के क्या हैं राजनीतिक मायने?

मौजूदा समय में पारंपरिक राजनीतिक दलों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले युवा संगठनों के बीच नजदीकियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। TMC और कांग्रेस जैसे विपक्षी दल युवा चेहरों को अपने साथ जोड़कर अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाना चाहते हैं। वहीं, युवा संगठन भी अपने मुद्दों को बड़े राजनीतिक मंचों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।ऐसे में अगर CJP सीधे तौर पर इंडिया गठबंधन का हिस्सा बन जाती, तो उसकी स्वतंत्र और आलोचनात्मक छवि पर सवाल उठ सकते थे।इसलिए संगठन ने आंदोलन को समर्थन देने के बावजूद मुख्य प्रदर्शन से अलग रहने का फैसला किया है। इसके जरिए वह राजनीतिक दलों से दूरी बनाए रखते हुए अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को मजबूत करना चाहता है।

CJP Strategy: विपक्ष की मेगा रैली से अलग रहेगी CJP

इंडिया गठबंधन रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बड़ी रैली आयोजित कर रहा है। इस दौरान कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्ष अपनी आवाज उठाएगा।दूसरी ओर, CJP ने इन मुद्दों का समर्थन किया है, लेकिन संगठन ने रैली के मुख्य मंच और प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। उसका जोर अपनी स्वतंत्र और गैर-दलीय पहचान बनाए रखने पर है।गौरतलब है कि कुछ समय पहले जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान CJP के प्रमुख नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उनकी जमानत और रिहाई की प्रक्रिया भी चर्चा में रही। अब संगठन अपनी आगे की राजनीतिक रणनीति और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम करने की तैयारी कर रहा है।