Hardeep Puri: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर होने वाले उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी अकेले प्रत्याशी रह गए हैं। मंगलवार, 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस की ओर से उनके हलफनामे को लेकर दर्ज कराई गई आपत्तियां खारिज कर दी गईं। वहीं, कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी और एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी कांते सायन्ना के नामांकन निरस्त कर दिए गए। इस घटनाक्रम के बाद पुरी का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। हालांकि, नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसकी औपचारिक पुष्टि होगी।
कांग्रेस ने हरदीप पुरी के हलफनामे पर उठाए सवाल
भाजपा ने मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट के लिए हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है। उनके नामांकन की जांच के दौरान कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और अन्य नेताओं ने आपत्तियां दर्ज कराईं। कांग्रेस का आरोप था कि पुरी के चुनावी हलफनामे में पत्नी का नाम और उनकी संपत्ति का विवरण नहीं दिया गया है। इसके अलावा, जेनेवा स्थित संपत्ति और विदेशी बैंक खातों की जानकारी तथा अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक में संपत्ति का मूल्यांकन दिखाने पर भी सवाल उठाए गए।
Hardeep Puri: नोटरी प्रक्रिया और फॉर्म-26 पर भी आपत्ति
कांग्रेस नेताओं ने हलफनामे के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। विधायक हेमंत कटारे का कहना था कि दस्तावेज पर ‘अटेस्टेड’ लिखा है, जबकि चुनावी नियमों के तहत इसे विधिवत शपथ लेकर प्रमाणित किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने इन कथित कमियों को आधार बनाकर हरदीप पुरी का नामांकन निरस्त करने की मांग की थी।
रिटर्निंग ऑफिसर ने सभी आपत्तियां खारिज कीं
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की तीनों आपत्तियां खारिज कर दीं। निर्वाचन अधिकारी के आदेश के मुताबिक, नामांकन में ऐसी कोई कमी नहीं मिली जिसके आधार पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33, 34 और 36 के तहत पर्चा निरस्त किया जा सके। पुरी का फॉर्म-26 निर्धारित नियमों के अनुरूप पाया गया।
Hardeep Puri: दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे भी हुए निरस्त
जांच के दौरान कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन अनिवार्य फॉर्म-26 जमा नहीं होने के कारण रद्द कर दिया गया। वहीं, कांते सायन्ना का पर्चा प्रस्तावक से जुड़ी जरूरी जानकारी नहीं होने के चलते निरस्त हुआ। इसके बाद हरदीप पुरी इस उपचुनाव में अकेले वैध उम्मीदवार रह गए।
5 नवंबर को नाम वापसी, फिर होगा निर्विरोध निर्वाचन
मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट के लिए मतदान 12 नवंबर को निर्धारित है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, उम्मीदवार 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस ले सकते हैं। यदि इस अवधि तक कोई दूसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं आता है, तो हरदीप सिंह पुरी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाएगा।
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