Dhanteras(धनतेरस): भारतीय संस्कृति में त्योहारों और पर्वों का विशेष महत्व है। यहाँ के पर्व-त्योहार जीवन का उल्लास हैं। जीवन को उचित दिशा देने या बेहतर जीवन जीने का संदेश देते हैं।कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाने वाला धनतेरस एक ओर जहाँ दीपोत्सव ‘दीपावली’ के आगमन का सूचक है, वहीं जीवन में सुख-समृद्धि की प्रेरणा भी देता है।नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मकता अपनाने के लिए प्रेरित करता है।इस दिन घर में सुख, समृद्धि और आर्थिक संपन्नता की कामना से धन की देवी माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है।धन संपत्ति की प्राप्ति हेतु घर के पूजा स्थल पर दीप दान करते हैं। लोग इस शुभ अवसर पर सोना, चांदी, पीतल जैसी धातुएं और नए बर्तन खरीदते हैं।ऐसी मान्यता है कि नई वस्तुएं या धातु खरीदने से घर की समृद्धि में कई गुना वृद्धि होती है।
स्वस्थ जीवन में ही समृद्धि का आनंद
जीवन कितनी ही सुख-सुविधाएं क्यों न हासिल कर ली जाएं, कितनी ही समृद्धि क्यों न हासिल कर ली जाए, लेकिन यदि स्वास्थ्य ठीक नहीं, तो ये सब नीरस लगने लगती हैं। कहते हैं कि ‘पहला सुख निरोगी काया, दूजा सुख घर में माया’। यही वजह है कि हम अपने देवी-देवताओं से निरोगी होने का आशीर्वाद मांगते हैं। वैदिक-पौराणिक काल से हमारे ऋषि-मुनि जीवन को स्वस्थ बनाने के लिए गहन शोध करते आ रहे हैं। भगवान धन्वंतरि, महर्षि चरक, महर्षि सुश्रुत, ऋषि भारद्वाज, महर्षि पुनर्वसु आत्रेय, ऋषि अग्निवेश, महर्षि वाग्भट, ऋषि च्यवन आदि ऐसे कई नाम हैं जिन्होंने जीवन को स्वस्थ रखने के लिए मानवता को चमत्कारी औषधियां प्रदान की। महर्षि पतंजलि, हिरण्यगर्भ ऋषि, सप्तऋषि, महर्षि वशिष्ठ से लेकर आज तक कई ऋषि-मुनि योग के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दे रहे हैं। भारतीय आयुर्वेद और योग पद्धति का दुनियाभर के लोग लाभ उठा रहे हैं।
शुभ अवसर का लाभ उठाएं
हिंदू धर्म में भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद, आरोग्य और चिकित्सा का देवता माना जाता है। उन्हें भगवान विष्णु का अवतार भी कहा जाता है।धर्म शास्त्रों के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।इसी उपलक्ष्य में धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।ऐसी मान्यता है कि संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार और प्रसार के लिए ही भगवान बिष्णु स्वयं धन्वंतरि के रूप में प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि स्वस्थ जीवन प्रदान करने वाले देवता हैं। धनतेरस के अवसर पर मृत्यु के देवता यमराज की पूजा का भी विधान है। शाम को घर के मुख्य द्वार पर और यमराज के निमित्त दीपक (यम दीया) जलाया जाता है, जिससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार की रक्षा होती है।धनतेरस के शुभ अवसर पर हम भी समृद्धि और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करें।
Dhanteras(धनतेरस): शुभचिंतकों को शुभकामनाएं
धनतेरस के शुभ अवसर पर यही कामना है कि आपके जीवन में सदा सुख, समृद्धि और आर्थिक संपन्नता बनी रहे। आपकी समृद्धि में कई गुना वृद्धि हो। आपका जीवन स्वस्थ बना रहे, आपके जीवन में कभी संकट न आए। khabarindia के शुभचिंतकों को धनतेरस और दीपोत्सव ‘दीपावली’ की हार्दिक शुभकामनाएं।
सुशील चौधरी
संपादक
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