DELHI BLAST: एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीमों ने गुरुवार को एक विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी कार्रवाई की। यह छापेमारी उस समय की गई जब जांच एजेंसियों को दिल्ली ब्लास्ट मामले में अहम सुराग मिलने की उम्मीद थी। टीमों ने आतंकी आरोपों का सामना कर रही डॉ. शाहीन सईद के आवास के आसपास तलाशी अभियान चलाया। शाहीन सईद इसी विश्वविद्यालय में कार्यरत थी और उस पर दिल्ली ब्लास्ट की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
शाहीन के नाम पर पंजीकृत ब्रेज़ा
DELHI BLAST: छापेमारी के दौरान एजेंसियों ने डॉ. शाहीन सईद के फ्लैट के सामने से एक ब्रेज़ा कार बरामद की। जांच में यह वाहन डॉ. शाहीन सईद के नाम पर पंजीकृत पाया गया। सूत्रों के अनुसार, यह कार सितंबर 2025 में खरीदी गई थी, जो जांच के दृष्टिकोण से अहम हो सकती है। वाहन विश्वविद्यालय परिसर के ब्लॉक नंबर-15 के फ्लैट नंबर 32 के बाहर खड़ी मिली।
संदिग्ध वस्तुएं मिलीं
DELHI BLAST: एनआईए टीम ने कार की तलाशी के दौरान कुछ संदिग्ध वस्तुएं जैसे सफेद कोट और पानी की खाली बोतल बरामद कीं। हालांकि एजेंसी ने कार को मौके से जब्त नहीं किया। अधिकारियों के अनुसार, कार को फिलहाल जांच के तहत निगरानी में रखा गया है, और आवश्यक फॉरेंसिक परीक्षण के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोपहर तक वाहन यूनिवर्सिटी परिसर में ही खड़ी रही, जिससे छात्रों और स्टाफ के बीच हलचल का माहौल बना रहा।
दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़ाव की जांच
DELHI BLAST: एनआईए को शक है कि यह कार दिल्ली ब्लास्ट मामले में इस्तेमाल या उससे जुड़ी किसी गतिविधि का हिस्सा हो सकती है। शाहीन सईद की भूमिका को लेकर एजेंसियां पहले से ही कई पहलुओं पर जांच कर रही हैं। अब इस कार की बरामदगी के बाद जांच को नए सिरे से दिशा मिल सकती है। एजेंसी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से भी सहयोग मांगा है और परिसर की सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
DELHI BLAST: संपूर्ण जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ब्रेज़ा कार का दिल्ली ब्लास्ट केस से सीधा संबंध है या नहीं, लेकिन एनआईए की यह कार्रवाई फिलहाल इस मामले में अहम मोड़ साबित हो सकती है।
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