Bhopal news: एनआरआई नर्सिंग कॉलेज और उसके अनुबंधित अरनव अस्पताल में हुई गंभीर अनियमितताओं एवं सीएमएचओ कार्यालय की निरीक्षण टीम द्वारा तैयार की गई कथित फर्जी रिपोर्ट के विरोध में NSUI ने मंगलवार को CMHO कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि यह छात्रों के भविष्य और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा अपराध है, जिसमें तत्काल कठोर कार्रवाई जरूरी है।
Bhopal news: आरोप, “मान्यता भी गलत तरीके से जारी”
रवि परमार और जिला उपाध्यक्ष अक्षय तोमर ने 26 अगस्त 2025 को कॉलेज और अस्पताल की अनियमितताओं की शिकायत की थी। इसके बावजूद नर्सिंग काउंसिल ने कॉलेज को मान्यता दे दी। 10 अक्टूबर 2025 को NSUI की विस्तृत शिकायत पर 13 अक्टूबर को सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए गए, लेकिन कार्रवाई में लगातार लापरवाही बरती गई।
फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट का आरोप, 16 अक्टूबर को गठित टीम: डॉ. रितेश रावत, डॉ. अभिषेक सेन ने 17 अक्टूबर को निरीक्षण रिपोर्ट जारी कर अस्पताल को सुचारू बताया। NSUI के अनुसार, यह रिपोर्ट “स्पष्ट रूप से फर्जी और भ्रामक” है।
NSUI का दावा, 60% नर्सिंग स्टाफ फर्जी मिला
Bhopal news: NSUI जांच में सामने आया कि कई नर्सिंग स्टाफ सरकारी अस्पतालों में कार्यरत हैं, लेकिन अरनव अस्पताल में रजिस्टर्ड दिखाए गए। अस्पताल को 100 बेड का कार्यरत बताने का दावा भी वास्तविकता से उलट बताया गया। स्टाफ नर्सों की लिखित शिकायतें, सबूत मजबूत करते हुए । 8 दिसंबर 2025 को कई नर्सों ने पुलिस कमिश्नर और सीएमएचओ को लिखित बयान दिया कि उन्होंने अरनव अस्पताल में कभी काम नहीं किया, लेकिन उनका नर्सिंग रजिस्ट्रेशन अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था। NSUI की प्रमुख मांगें, प्रदर्शन के दौरान NSUI ने प्रशासन के सामने निम्न मांगें रखीं: 1. निरीक्षण टीम के दोनों डॉक्टरों का तत्काल निलंबन, 2. उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन, 3. कॉलेज, अस्पताल संचालक और निरीक्षण टीम पर FIR, 4. निरीक्षण दिवस की CCTV फुटेज और दस्तावेज जब्ती, 5. स्टाफ रजिस्टर और रजिस्ट्रेशन का पूर्ण ऑडिट। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी दी कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो NSUI व्यापक आंदोलन करेगी। प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमश, गुलाम हैदर, देव अवस्थी, अमित हटिया, लक्की चौबे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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