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1 जनवरी नहीं, इस दिन से शुरू होता है हिंदुओं का नया साल, 2026 में कब होगा नव आरंभ

Hindu New Year 2026:

Hindu New Year 2026: पूरी दुनिया ग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक 1 जनवरी को नया साल मनाती है। लेकिन क्या आप जानते है हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से 1 जनवरी को नया साल नहीं होता है। बता दें हिंदू नव वर्ष की शुरुआत चैत्र के महीने से होती है और वही साल का आखिरी महिला फाल्गुन होता है।

Hindu New Year 2026: हिंदू नव वर्ष को क्यों माना जाता है खास?

इस कैलेंडर में विक्रम संवत होता है। दरअसल करीब 2000 साल पहले उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने विक्रम संवत की शुरुआत की थी। चैत्र के महीने का सनातन संस्कृति में बहुत महत्व है और इसी सभ्यता को ध्यान में रखते हुए राजा ने चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को अहमियत दी और इस पंचांग को संपूर्ण भारतवर्ष के लोगों तक पहुंचाया। इस लेख में आज हम जानिए 2026 में ही दी नव वर्ष कब मनाया जाने वाला है।

Hindu New Year 2026: विक्रम संवत 2083
विक्रम संवत 2083

हिंदू नव वर्ष के दिन पूरे देश में अलग ही उत्साह की लहर होती है। हर प्रदेश में अलग-अलग तरह से इसे मनाया जाता है। यही नहीं हर जगह इसे अलग नामों से भी जाना जाता है। हिंदू नव वर्ष को विक्रम संवत, युगादि,  गुड़ी पड़वा, नव संवत्सर आदि कहते है। जिसकी शुरुआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है।

नवरात्रि की शुरुआत और नौ देवियों की उपासना

इस दिन का वर्णन ब्रह्मांण पुराण में भी किया गया है, जिसके मुताबिक पूरे सृष्टि की रचना इसी दिन ब्रह्मा जी द्वारा की गई थी। इसी वजह से साल 2026 में हिंदी नव वर्ष 19 मार्च को मनाया जाने वाला है, जिसके से साथ ही विक्रम संवत 2083 की भी शुरुआत हो जायेगीं। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि भी प्रारंभ हो जाती है। जिसमें 9 दिन 9 अलग-अलग माताओं के स्वरूपों को पूजा जाता है।

विक्रम संवत 2083
विक्रम संवत 2083

नए साल की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद के साथ

इस दिन सनातन धर्म के लोग सुबह जल्दी या ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान आदि करते है। जिसके बाद नए वस्त्रों को धारण कर भगवान के सामने दीप जलाकर पूजन करते है। हर घर में मिठाइयां और तरह-तरह के पकवान बनाए जाते है। इस दिन मंदिरों में भी भारी भीड़ देखने को मिलती है। सभी अपने नए साल की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से करना चाहते हैं।

Disclaimer: इस लेख में दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है।