Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के इंद्रावती इलाके में हुई मुठभेड़ में एक इनामी नक्सली को मार गिराया गया है। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है।
इंद्रावती क्षेत्र के जंगलों में मुठभेड़
बीजापुर जिले के भैरमगढ़ थाना अंतर्गत आदवाड़ा-कोटमेटा के घने जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड बीजापुर की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होती रही, जो काफी देर तक चली।
Naxal Encounter: इनामी नक्सली का शव और हथियार बरामद
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से एक माओवादी का शव बरामद किया गया है। उसकी पहचान बीजापुर के गोरना निवासी फगनू माड़वी (35) के रूप में हुई है, जिस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। मौके से .303 रायफल, 9 एमएम पिस्टल, मैग्जीन, विस्फोटक सामग्री, स्कैनर सेट, रेडियो, मेडिकल किट और अन्य नक्सली सामग्री जब्त की गई है।
माओवाद अंतिम दौर में: आईजीपी
बस्तर रेंज के आईजीपी सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि 2025 में सुरक्षाबलों की प्रभावी और समन्वित कार्रवाई से माओवादी संगठन बिखर चुका है। उन्होंने दावा किया कि बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है और हिंसा या दहशत फैलाने की उनकी कोशिशें अब नाकाम हो रही हैं। आईजीपी ने सक्रिय माओवादियों से हिंसा छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति अपनाने की अपील भी की।
Naxal Encounter: बीजापुर बना एंटी-नक्सल ऑपरेशन का केंद्र
अधिकारियों के मुताबिक बीजापुर जिला एंटी-नक्सल ऑपरेशंस के लिए प्राथमिकता वाला इलाका बना हुआ है। वर्ष 2025 में अकेले बीजापुर में 144 माओवादियों को मार गिराया गया है, जबकि 500 से अधिक गिरफ्तारियां और 560 आत्मसमर्पण दर्ज किए गए हैं। पूरे राज्य में इस साल अब तक 280 से ज्यादा माओवादी मारे जा चुके हैं, जो मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के केंद्र सरकार के लक्ष्य की दिशा में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
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