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ग्रेटर नोएडा में सिस्टम की चूक ने छीन ली नवजात की माँ

Greater Noida

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। इस मामले में एक गर्भवती महिला की मौत हो गई, जबकि नवजात बच्ची फिलहाल जीवित है और इलाज के लिए संघर्ष कर रही है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।

क्या है पूरा मामला?

मृतक महिला के पति योगेश के अनुसार, उनकी पत्नी गर्भावस्था के अंतिम चरण में थीं और उनका नियमित इलाज चल रहा था। 22 दिसंबर 2025 को जब प्रसव पीड़ा तेज हुई तो उन्हें पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की धड़कन सामान्य नहीं है और तुरंत इलाज की जरूरत है।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में जरूरी सुविधाएं और विशेषज्ञ मौजूद होने के बावजूद समय पर सही इलाज नहीं दिया गया। हालत बिगड़ने पर महिला को दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक अन्य निजी अस्पताल (Ivory Hospital) में भर्ती कराया गया, जहां इमरजेंसी सी-सेक्शन किया गया।

Greater Noida: बच्ची बच गई, लेकिन मां नहीं रही

परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद नवजात बच्ची को आईसीयू में रखा गया। बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है, लेकिन वह जीवित है। वहीं इलाज के दौरान महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को लेकर समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी। कुछ ही समय बाद महिला को मृत घोषित कर दिया गया।

एक पल में उजड़ गया परिवार

पति योगेश का कहना है कि अगर शुरुआत में ही सही इलाज और सही समय पर निर्णय लिया गया होता, तो उनकी पत्नी की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा, “हमारी बच्ची तो सांस ले रही है, लेकिन उसकी मां हमेशा के लिए चली गई। यह दर्द जिंदगी भर रहेगा।”

Greater Noida: पुलिस से न्याय की गुहार

पीड़ित परिवार ने थाना बीटा-2, ग्रेटर नोएडा में शिकायत दर्ज कराई है और इलाज में लापरवाही से मौत (Medical Negligence) का मामला दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। चर्चा है कि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है परिवार का कहना है कि उनकी लड़ाई सिर्फ इंसाफ के लिए नहीं, बल्कि इसलिए भी है ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।

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