Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क में नए साल 2026 का जश्न उस समय दोगुना हो गया, जब जंगल सफारी पर निकले पर्यटकों का सामना साक्षात जंगल के राजा ‘रॉयल बंगाल टाइगर’ से हो गया। नववर्ष के पहले ही सप्ताह में बाघ के शानदार दीदार (साइटिंग) ने सैलानियों के रोमांच को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
कोहरे के बीच अचानक हुआ सामना
आज सुबह की पाली में जब जिप्सियों का काफिला दुधवा के घने जंगलों के बीच से गुजर रहा था, तभी अचानक एक विशालकाय बंगाल टाइगर झाड़ियों से निकलकर मुख्य मार्ग पर आ गया। बाघ को इतने करीब देख पर्यटकों की सांसें थम गईं, लेकिन अगले ही पल उत्साह ने डर की जगह ले ली। पर्यटकों ने इस अद्भुत नजारे को अपने कैमरों और मोबाइल में कैद किया। बाघ करीब 5 से 10 मिनट तक सड़क के किनारे चहलकदमी करता रहा और फिर शांति से घने जंगलों में ओझल हो गया।
Lakhimpur Kheri: पर्यटकों का अनुभव: “सपना सच होने जैसा”
दिल्ली से आए सैलानियों के एक समूह ने बताया कि हम पिछले तीन दिनों से बाघ की एक झलक पाने का इंतजार कर रहे थे। आज जब अचानक टाइगर हमारे सामने आया, तो वह नजारा जादुई था। नए साल पर दुधवा ने हमें सबसे शानदार तोहफा दिया है।” वन्यजीव प्रेमियों के अनुसार, कड़ाके की ठंड में बाघ अक्सर धूप सेंकने के लिए खुले रास्तों या घास के मैदानों की ओर आते हैं, जिससे उनके दिखने की संभावना बढ़ जाती है।
दुधवा प्रशासन की पैनी नजर
बाघों की लगातार हो रही साइटिंग को देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने पर्यटकों को सख्त हिदायत दी है कि वे सफारी के दौरान शोर न मचाएं और वन्यजीवों से एक निश्चित दूरी बनाए रखें। पार्क प्रशासन का कहना है कि इस बार बाघों की सक्रियता पर्यटकों के लिए सुखद अनुभव साबित हो रही है, जिससे आने वाले दिनों में सैलानियों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
Lakhimpur Kheri: जैव विविधता का गढ़ बना दुधवा
बाघ के अलावा, पर्यटकों को झुंड में घूमते बारासिंगा, विशालकाय हाथी और एक सींग वाले गैंडे भी आसानी से दिखाई दे रहे हैं। दुधवा की इस प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के रोमांच ने इसे इस साल देश के टॉप हॉलिडे डेस्टिनेशन की सूची में खड़ा कर दिया है।
Report BY: संजय कुमार राठौर






