Yogi Baba: उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन को लेकर योगी सरकार का ‘जीरो पावर्टी मिशन’ एक ठोस और परिणामोन्मुख मॉडल के रूप में सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह अभियान प्रशासनिक इच्छाशक्ति, तकनीक और जमीनी सत्यापन के समन्वय से संचालित हो रहा है, जिसका लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
पात्रता, पारदर्शिता और परिणाम पर फोकस
सरकार ने इस अभियान को दो चरणों में लागू किया है, जिसमें संख्या के बजाय पात्रता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है। लखनऊ के गोसाईगंज निवासी रामसागर, उर्मिला और रामू जैसे लाभार्थियों को आवास, बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रदेश भर में इसी तरह वंचित परिवारों को चिन्हित कर योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
Yogi Baba: पहले चरण में योजनाओं की उल्लेखनीय प्रगति
जीरो पावर्टी अभियान के प्रथम चरण में 8 प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत शत-प्रतिशत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का लक्ष्य रखा गया। जिला स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार राशन योजना में 97 प्रतिशत, निराश्रित महिला पेंशन में 87 प्रतिशत और दिव्यांग पेंशन में 62 प्रतिशत पात्र परिवारों को लाभ मिल चुका है। वहीं जन आरोग्य योजना से 63 प्रतिशत परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है।
दूसरे चरण में स्थलीय सत्यापन और समग्र विकास
15 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए दूसरे चरण में 16 योजनाओं के तहत स्थलीय सत्यापन का कार्य 15 जनवरी तक पूरा किया जाना है। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, शौचालय और बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाओं पर तेजी से काम हो रहा है। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और करीब 11 हजार बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है।
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