Prayagraj News: प्रयागराज। महाकुंभ के बाद संगमनगरी प्रयागराज एक बार फिर आस्था के रंग में रंग गई है। माघ मेला 2026 की शुरुआत आज पौष पूर्णिमा के पावन स्नान पर्व के साथ हो गई। सुबह से ही त्रिवेणी संगम की ओर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। ठंड और कोहरे के बीच भी श्रद्धा का उत्साह देखने लायक रहा, संगम घाटों पर हर तरफ भक्ति और विश्वास का माहौल नजर आया।
Prayagraj News: पहले ही दिन लाखों श्रद्धालुओं ने किया संगम स्नान
मेला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, पहले स्नान पर्व पर अब तक 9 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। प्रशासन का अनुमान है कि दिन ढलते-ढलते यह आंकड़ा 15 लाख तक पहुंच सकता है। स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु अक्षयवट और लेटे हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे।
Prayagraj News: कल्पवास की शुरुआत, 45 दिनों तक चलेगा आध्यात्मिक अनुष्ठान
माघ मेले के साथ ही आज से कल्पवास भी आरंभ हो गया है। हजारों कल्पवासी आने वाले 45 दिनों तक गंगा तट पर रहकर तप, साधना और पूजा-पाठ करेंगे। माघ मेला होने के चलते इसमें अखाड़ों की पेशवाई नहीं होगी, लेकिन धार्मिक परंपराओं और स्नान पर्वों का महत्व पूरे मेले में बना रहेगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मेला क्षेत्र में 10 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए AI आधारित CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही ATS और NIA की टीमें भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं। मेले में घुसे फर्जी साधु, दो गिरफ्तार मेले के पहले ही दिन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फर्जी बाबाओं को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से नकली आधार कार्ड और जाली नोट बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को चर्चित नामों से जोड़कर श्रद्धालुओं को भ्रमित करने और मेले में अवैध रूप से कैंप लगाने की फिराक में थे।
Prayagraj News: मुख्यमंत्री के निर्देश: श्रद्धालु सर्वोपरि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की ढिलाई न हो। उन्होंने साफ कहा है कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
800 हेक्टेयर में फैला मेला, 7 सेक्टरों में सुव्यवस्थित आयोजन
इस वर्ष माघ मेला लगभग 800 हेक्टेयर क्षेत्र में आयोजित किया गया है, जिसे 7 अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब 8 किलोमीटर लंबे स्नान घाट, महिलाओं के लिए विशेष चेंजिंग रूम, चिकित्सा शिविर और स्वच्छता की पुख्ता व्यवस्था की गई है।वाहनों की आवाजाही पर रोक, पैदल मार्ग से प्रवेश भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में वाहनों की एंट्री सीमित कर दी गई है। संगम नोज की ओर केवल प्रशासनिक और एंबुलेंस जैसे जरूरी वाहनों को ही जाने की अनुमति दी जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित मार्ग मिल सके।
15 फरवरी तक चलेगा माघ मेला
प्रशासन के अनुसार माघ मेला 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस बार इसे ‘मिनी कुंभ’ की तर्ज पर आयोजित किया गया है, जहां आस्था, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का संतुलित स्वरूप देखने को मिल रहा है।
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