Agra News: आगरा में एक फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में वेतन मांगना एक कर्मचारी के लिए दर्दनाक सबक बन गया। कंपनी के मैनेजर और उसके साथियों ने न कैवल कर्मचारी को वेतन देने से मना किया बल्कि उसे शौचालय में बंद कर बेरहमी से पीटा। इस घटना ने कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब जानें मामला…
थाना एकता क्षेत्र के बरौली अहीर शमशाबाद रोड स्थित पीवोटल मैनेजमेंट फाइनेंस कंपनी में काम करने वाला फिरोजाबाद निवासी वैभव चौहान 30 दिसंबर 2025 को अपने वेतन की मांग के लिए कार्यालय पहुंचा था। वैभव के पिता अशोक कुमार चौहान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि जब उनके बेटे ने तनख्वाह मांगी तो कंपनी के मैनेजर विपिन भदौरिया तथा कर्मचारी सौरभ चौहान और रामनरेश भड़क गए। आरोप है कि तीनों ने वैभव को जबरन ऑफिस की ऊपरी मंज़िल पर बने शौचालय में ले जाकर उसके कपड़े उतरवा दिए और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। पीड़ित को घंटों तक अंदर बंद रखा गया। देर रात करीब दस बजे किसी तरह वह घर पहुंचा तब उसकी हालत बेहद गंभीर थी। परिवार ने उसे होश आने पर पूछताछ की तब पूरी घटना का खुलासा हुआ।
Agra News: पुलिस ने जांच की शुरू
परिजनों की शिकायत पर थाना एकता पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। एसीपी ताज सुरक्षा पीयूष कांत राय ने बताया कि पुलिस ने आरोपी मैनेजर विपिन भदौरिया और साथी कर्मचारी सौरभ चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया। वहीं तीसरे आरोपी रामनरेश की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने फिलहाल आरोपियों के विरुद्ध शांति भंग की धाराओं में चालान किया है। हालांकि मामले की क्रूरता को देखते हुए स्थानीय लोगों में आक्रोश है कि इतने गंभीर अपराध में इतनी हल्की कार्रवाई क्यों की गई। लोगों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि कार्यस्थल पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है। पीड़ित वैभव की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है और परिवार ने प्रशासन से आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। यह घटना इस बात की कड़ी याद दिलाती है कि किसी भी पेशेवर स्थान पर धमकाना शोषण करना या हिंसा करना कानूनन और नैतिक रूप से निंदनीय है।
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