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अंकिता भंडारी हत्याकांड, CBI जांच की मांग को लेकर फिर सड़कों पर उतरे लोग

उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर जनआक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और जिस वीआईपी का नाम सामने आ रहा है। कोटद्वार अपर जिला सत्र न्यायालय में सुनवाई पूरी होने के बाद, 30 मई 2025 को अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

Uttarakhand news: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर जनआक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और जिस वीआईपी का नाम सामने आ रहा है, उसे गिरफ्तार किया जाए। इसी मांग को लेकर रविवार को हजारों की संख्या में लोग देहरादून में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें लगभग एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास न करे और मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच जल्द शुरू की जाए।

सजा के बावजूद क्यों उठ रही CBI जांच की मांग?

हालांकि इस हत्याकांड में तीन साल पहले ही तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन हाल ही में इस मामले से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक वीआईपी का नाम लिए जाने का दावा किया जा रहा है। इसी के बाद से लोग दोबारा सड़कों पर उतर आए हैं और पूरे मामले की गहराई से जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि 11 जनवरी को फिर से बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। चेतावनी दी गई है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो यह आंदोलन आगे चलकर जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

Uttarakhand news: 18 सितंबर 2022: कैसे हुई थी अंकिता की हत्या?

19 वर्षीय अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य, उसके मैनेजर सौरभ भास्कर और सहायक मैनेजर अंकित गुप्ता ने मिलकर उनकी हत्या कर दी थी। करीब ढाई साल तक चली सुनवाई के बाद 19 मई 2025 को अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में एक भाजपा नेता का बेटा भी दोषी पाया गया।

Uttarakhand news: अंकिता भंडारी हत्याकांड: अब तक की पूरी टाइमलाइन

18 सितंबर 2022: अंकिता भंडारी यमकेश्वर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट से अचानक लापता हो गईं। 19 सितंबर: अंकिता के पिता ने पौड़ी जिला प्रशासन को सूचना दी, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं हुई। 20 सितंबर: रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने अंकिता के गुमशुदा होने की जानकारी दी। 22 सितंबर: परिवार के दबाव और आरोपों के बाद मामला सिविल पुलिस को सौंपा गया। 23 सितंबर: मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। 24 सितंबर: ऋषिकेश के पास चीला नहर से अंकिता का शव बरामद किया गया। 25 सितंबर: परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग करते हुए जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।दिसंबर 2022: एसआईटी ने 2000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 97 गवाह शामिल थे।

2023 में क्या-क्या हुआ?

मार्च: कोटद्वार सत्र न्यायालय ने पुलकित आर्य पर हत्या समेत गंभीर आरोप तय किए। जुलाई: विशेष लोक अभियोजक को हटाया गया। दिसंबर: हाईकोर्ट ने पुलकित आर्य की जमानत याचिका खारिज कर दी।

2024 की प्रमुख घटनाएं

जनवरी: नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति दी गई। मार्च: सामाजिक कार्यकर्ता अशुतोष नेगी की गिरफ्तारी, विपक्ष ने सवाल उठाए। सितंबर: पुलकित आर्य की ₹3 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई।

2025: कोर्ट का अंतिम फैसला

Uttarakhand news: कोटद्वार अपर जिला सत्र न्यायालय में सुनवाई पूरी होने के बाद, 30 मई 2025 को अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

 

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