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UP में कलेक्टर कार्यालय के सामने महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास, होमगार्ड की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

Up news: जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद होमगार्ड जवानों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और महिला की जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अपने ऊपर डीजल छिड़क लिया था और माचिस जलाने ही वाली थी। तभी ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए उसके हाथ से डीजल की बोतल और माचिस छीन ली। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही एसडीएम समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला को शांत कराने का प्रयास किया। महिला की पहचान खागा तहसील क्षेत्र के हसनपुर अकोढ़िहा गांव निवासी लीलावती पत्नी शिवचरण के रूप में हुई है।

पैतृक मकान को लेकर विवाद का आरोप

लीलावती ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी शादी करीब 24 वर्ष पहले हुई थी। शादी के कुछ समय बाद वह अपने पति के साथ मायके के गांव लोधी का पुरवा में रहने लगी थी। महिला का कहना है कि उसका छोटा भाई प्रमोद कुमार लंबे समय से बीमार रहता था और अविवाहित था। उसके इलाज के लिए उसने स्वयं सहायता समूह से छह लाख रुपये निकालकर आर्थिक मदद की थी। महिला के मुताबिक, भाई ने मृत्यु से पहले स्टाम्प पेपर पर लिखित रूप से अपने हिस्से का मकान उसके नाम कर दिया था। वह पिछले लगभग 20 वर्षों से उसी मकान में अपने परिवार के साथ रह रही थी।

Up news: घर पर कब्जे का आरोप

लीलावती का आरोप है कि पिछले वर्ष 13 नवंबर को वह परिवार के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। इसी दौरान उसके तीन भाइयों ने मकान का ताला तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया। जब वह वापस लौटी तो उसे घर में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया। महिला ने बताया कि मकान से बेदखल होने के बाद उसका परिवार झोपड़ी में रहने को मजबूर है। उसकी तीन बेटियां विवाह योग्य हैं, जबकि पति मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

दो साल से लगा रही थी गुहार

Up news: लीलावती का कहना है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर काट रही थी, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। लगातार निराशा के बाद वह लगभग 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पहुंची और आत्मदाह जैसा कदम उठाने की कोशिश की। होमगार्ड जवानों ने बताया कि महिला ने जैसे ही अपने ऊपर डीजल डाला, उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए उससे माचिस और बोतल छीन ली। उनकी सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा होने से बच गया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है, हालांकि अधिकारियों ने इस संबंध में खुलकर कोई बयान नहीं दिया है।

 

 

 

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