Muzaffarpur News: गेमिंग एप के जरिए पैसे कटने और माता-पिता की डांट से आहत मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के यादव नगर वार्ड संख्या 10 में देर रात एक लॉज में रहने वाले 18 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान कथैया थाना क्षेत्र के हरदी मेला निवासी ओम प्रकाश साह के पुत्र कृष्णा कुमार के रूप में हुई है।
जनरल स्टोर में काम करता था कृष्णा
जानकारी के अनुसार, कृष्णा यादव नगर स्थित एक जनरल स्टोर में काम करता था और साथ ही पढ़ाई भी कर रहा था। वह अपने पिता के साथ उसी लॉज में रहता था। सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे तक जब वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला तो आसपास रहने वाले लोगों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद मकान मालिक को सूचना दी गई। दरवाजा खोलने पर युवक का शव कमरे के अंदर मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है। मुखिया प्रतिनिधि भोला राय भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मामले में थानाध्यक्ष अस्मित कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। युवक के मोबाइल की भी जांच की जा रही है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।
Muzaffarpur News: गेमिंग ऐप के जरिए बिगड़ी आर्थिक स्थिति
परिजनों ने बताया कि कृष्णा पिछले वर्ष मैट्रिक परीक्षा में असफल हो गया था और गणित व विज्ञान विषय में कमजोर था। परिवार उसे दोबारा पढ़ाई कर परीक्षा देने के लिए प्रेरित कर रहा था, लेकिन उसका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था। वहीं, उसकी मां की तबीयत अक्सर खराब रहती थी, जिससे परिवार पहले से मानसिक तनाव में था। मृतक के पिता ओम प्रकाश साह के अनुसार, बेटे की जिद पर इस साल निजी फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर उसे मोबाइल दिलाया गया था। इसके बाद वह पढ़ाई से दूर होता चला गया और अधिकतर समय मोबाइल गेमिंग में बिताने लगा। गेमिंग ऐप के जरिए पैसे खर्च होने से आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी। लॉज का किराया और अन्य खर्च समय पर नहीं दिए जा सके थे और पिछले दो–तीन महीनों से किराया बकाया था। इसी बात को लेकर माता-पिता ने उसे समझाया भी था। मामले में पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Report BY: विक्रम कुमार
ये भी पढ़े… पहले पैसा फिर इलाज? बक्सर के निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप






