UP news: उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस सूची से करीब 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं। भाजपा नेताओं ने इसे मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की दिशा में जरूरी कदम बताते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की सराहना की है।
ब्रजेश पाठक बोले – पारदर्शिता में सहयोग करें बूथ कार्यकर्ता
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होना एक सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया है। उन्होंने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से सूची का अध्ययन कर चुनाव आयोग को निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने आम नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जांचें और यदि कोई त्रुटि हो तो तय समयसीमा में सुधार कराएं।
UP news: अखिलेश यादव पर निशाना, हार की आशंका का आरोप
ब्रजेश पाठक ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव संभावित हार को देखकर बेचैन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता कभी भी सपा के गुंडाराज और जंगलराज को स्वीकार नहीं करेगी।
योगेंद्र चंदोलिया का दावा – लंबे समय से अपडेट नहीं थी वोटर लिस्ट
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि 2.89 करोड़ नाम हटना इस बात का संकेत है कि मतदाता सूची लंबे समय से अपडेट नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि दावे और आपत्तियों के लिए एक महीने का समय दिया गया है, ताकि योग्य मतदाता अपने नाम जुड़वा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि हटाए गए नामों में मृत व्यक्तियों, स्थानांतरित लोगों और अवैध रूप से शामिल रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम भी हो सकते हैं।
UP news: बिहार के मंत्री ने भी जताया भरोसा
बिहार सरकार में मंत्री लखेंद्र कुमार पासवान ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भरोसा जताते हुए कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि बिहार में भी पहले मृत लोगों के नाम वोटर लिस्ट में पाए गए थे, जिसे बाद में सुधारा गया।
दावा-आपत्ति का मौका, अंतिम सूची पर सबकी नजर
फिलहाल ड्राफ्ट सूची पर दावा-आपत्ति की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके बाद जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची पर आने वाले चुनावों की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।






