Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी तहसील धौरहरा के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गुदरिया में इन दिनों वार्षिक मेले का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन यह मेला मनोरंजन से ज्यादा बड़े हादसे के निमंत्रण का केंद्र बना हुआ है। मेले में प्रशासनिक आदेशों और सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ताज्जुब की बात यह है कि बिना किसी वैधानिक अनुमति के यहाँ मौत का कुआं, ब्रेक डांस और विशालकाय नाव जैसे खतरनाक झूले धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं।
सुरक्षा मानकों से खिलवाड़
मेले में ऊँची हाइट के खतरनाक झूले लगाए गए हैं, जिन्हें चलाने के लिए न तो कोई तकनीकी फिटनेस सर्टिफिकेट लिया गया है और न ही अग्नि सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं। बिजली के खुले तार और झूलों की जर्जर संरचना किसी भी समय बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है। इन झूलों पर युवाओं और बच्चों की जान जोखिम में डालकर उन्हें बिठाया जा रहा है, जबकि मौके पर कोई आपातकालीन सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं है।
Lakhimpur Kheri: अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
नियमों के मुताबिक, किसी भी मेले में झूलों के संचालन के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य है। लेकिन गुदरिया मेले में बिना अनुमति यह सब कैसे चल रहा है, यह बड़ा सवाल है। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की इस मामले पर चुप्पी उनकी कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर रही है। क्षेत्र में चर्चा है कि क्या प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है, जिसके बाद ही उनकी नींद खुलेगी?
ग्रामीणों में असुरक्षा का भाव
मेले में उमड़ रही भीड़ और झूलों के अनियंत्रित संचालन को देखकर सजग नागरिकों ने चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में कई मेलों में हुए हादसों से सबक लेने के बजाय यहाँ नियमों को ताक पर रख दिया गया है। यदि समय रहते इन अवैध और खतरनाक झूलों के संचालन पर रोक नहीं लगाई गई, तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
Report By: Sanjay Kumar






