Republic Day: 26 जनवरी को आयोजित होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड इस वर्ष कई मायनों में ऐतिहासिक और खास होगी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार यूरोपीय संघ के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह पहला अवसर होगा जब यूरोपीय संघ के दोनों शीर्ष नेता भारत की गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि बनेंगे।
यूरोपीय संघ की ऐतिहासिक भागीदारी
परेड में यूरोपीय संघ के नौसैनिकों की एक छोटी टुकड़ी भी मार्च पास्ट करेगी, जो भारत और यूरोपीय संघ के मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक होगी। रक्षा सचिव ने कहा कि यह सहभागिता भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को भी दर्शाती है।
Republic Day: बैटल एरे फॉर्मेट में दिखेगी सैन्य शक्ति
इस साल परेड का फॉर्मेट पारंपरिक से अलग होगा। पहली बार ‘बैटल एरे’ यानी रणभूमि व्यूह रचना के तहत सैन्य उपकरणों और हथियारों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे सेना की युद्ध क्षमता और तैयारियों का वास्तविक स्वरूप जनता के सामने आएगा। परेड की थीम ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर आधारित होगी।
सांस्कृतिक झांकियां और रिकॉर्ड टिकट बिक्री
परेड में ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम, सुखोई फाइटर जेट, सी-295 विमान और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म आकर्षण का केंद्र होंगे। राज्यों की झांकियां भी आत्मनिर्भर भारत की थीम पर आधारित होंगी। कर्तव्य पथ पर 2,500 कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। अब तक 33 हजार टिकट बिक चुके हैं और कुल 77 हजार दर्शक परेड देख सकेंगे।







