HbA1c Control Tips: डायबिटीज के मरीजों के लिए HbA1c टेस्ट बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह टेस्ट पिछले दो से तीन महीनों के औसत ब्लड शुगर लेवल की जानकारी देता है। HbA1c को सुरक्षित तरीके से कम करने के लिए किसी एक फूड, सप्लीमेंट या कुछ दिनों की डाइट पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की सही आदतें अपनाना जरूरी होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि HbA1c का लक्ष्य हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है, इसलिए इलाज और दवाओं में बदलाव हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
HbA1c Control Tips: दवाइयों में लापरवाही पड़ सकती है भारी-
Dr. Himika Chawla के अनुसार, डायबिटीज की दवा या इंसुलिन हमेशा डॉक्टर के बताए समय और मात्रा में ही लेनी चाहिए। बिना सलाह के दवा छोड़ना, समय बदलना या खुराक कम-ज्यादा करना ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकता है। अगर इलाज के बावजूद शुगर कंट्रोल नहीं हो रही है तो खुद से दवा बदलने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है।
HbA1c Control Tips: सही समय पर भोजन करना भी है जरूरी-
विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक भूखे रहने के बाद एक साथ ज्यादा भोजन करने से बचना चाहिए। रोजाना की थाली में बिना स्टार्च वाली सब्जियां, पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और सीमित मात्रा में साबुत अनाज या दूसरे हेल्दी कार्बोहाइड्रेट शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। वहीं, मीठे पेय, पैक्ड जूस, मिठाइयों और रिफाइंड स्नैक्स का सेवन कम करने से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
रोजाना की शारीरिक गतिविधियां बनेंगी सहारा-
डॉ. हिमिका चावला का कहना है कि नियमित एक्सरसाइज से शरीर ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल कर पाता है। तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, तैराकी या अन्य एरोबिक गतिविधियों के साथ स्ट्रेंथ एक्सरसाइज भी फायदेमंद होती है। जो लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं, उन्हें दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर टहलने या हलचल करने की आदत डालनी चाहिए।
ब्लड शुगर की निगरानी और अच्छी नींद भी जरूरी-
नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करने से यह समझने में मदद मिलती है कि भोजन, दवा, तनाव और एक्सरसाइज का शरीर पर क्या असर पड़ रहा है। साथ ही पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखना भी जरूरी है, क्योंकि खराब नींद और लगातार तनाव ब्लड शुगर को बढ़ा सकते हैं और HbA1c को कंट्रोल करना मुश्किल बना सकते हैं।
तंबाकू और शराब से दूरी रखना फायदेमंद-
विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू से बचना और शराब का सेवन सीमित करना डायबिटीज मैनेजमेंट का अहम हिस्सा है। इसके अलावा HbA1c टेस्ट डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय समय पर ही कराना चाहिए। बार-बार जांच कराने के बजाय नियमित इलाज और स्वस्थ जीवनशैली पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें-
अगर बार-बार ब्लड शुगर बहुत कम हो जाए, चक्कर आएं, अत्यधिक पसीना आए, उलझन महसूस हो या इलाज के बावजूद ब्लड शुगर लगातार बढ़ा रहे, बहुत ज्यादा प्यास लगे या उल्टी होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज गंभीर जटिलताओं से बचाने में मदद कर सकता है।
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