Lakhimpur Kheri: विश्व प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क इन दिनों पर्यटकों के लिए रोमांच और कौतूहल का बड़ा केंद्र बना हुआ है। घने जंगलों, दुर्लभ वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पहचाने जाने वाले इस पार्क में शनिवार को उस वक्त रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया, जब जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों का आमना-सामना एक विशालकाय रॉयल बंगाल टाइगर से हो गया। सफारी के दौरान अचानक झाड़ियों के बीच से निकलकर जब बाघ कच्चे रास्ते पर आ खड़ा हुआ, तो जिप्सी में सवार पर्यटकों की सांसें कुछ पल के लिए थम गईं। बाघ इतना नजदीक था कि उसकी हर हरकत साफ दिखाई दे रही थी। हालांकि कुछ ही पलों में डर की जगह रोमांच और उत्साह ने ले ली और सैलानी इस दुर्लभ दृश्य को देखकर खुद को बेहद सौभाग्यशाली महसूस करने लगे।
बेफिक्र अंदाज़ में सड़क पर टहलता रहा बाघ
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ पूरी तरह शांत और आत्मविश्वास से भरा हुआ नजर आया। वह जंगल के कच्चे रास्ते पर काफी देर तक टहलता रहा, मानो अपने इलाके पर अधिकार जताता हुआ गश्त कर रहा हो। इंसानों या सफारी जिप्सी की मौजूदगी से वह बिल्कुल भी विचलित नहीं हुआ। बाघ की यह बेखौफ चाल और शाही अंदाज़ पर्यटकों के लिए किसी रोमांचक फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। इस दौरान पर्यटकों ने मोबाइल फोन और कैमरों से इस यादगार पल को तस्वीरों और वीडियो में कैद कर लिया। कुछ देर तक बाघ वहीं मौजूद रहा, जिससे सैलानियों को उसे निहारने और उसके व्यवहार को करीब से देखने का दुर्लभ अवसर मिला।
Lakhimpur Kheri: बाघ की साइटिंग से सैलानियों में उत्साह
पार्क में बाघ की इस शानदार ‘साइटिंग’ के बाद सैलानियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटकों ने कहा कि दुधवा की प्राकृतिक खूबसूरती और बाघ के दीदार ने उनकी यात्रा को जिंदगी भर की यादों में बदल दिया है। कई सैलानियों ने इसे अब तक की सबसे बेहतरीन जंगल सफारी बताया।
वन विभाग के लिए शुभ संकेत
दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन का कहना है कि इस सीजन में बाघों की सक्रियता में बढ़ोतरी देखी जा रही है। यह पार्क में बेहतर संरक्षण व्यवस्था, पर्याप्त शिकार और सुरक्षित पर्यावरण का प्रमाण है। अधिकारियों के अनुसार, बाघों की खुली मौजूदगी यह दर्शाती है कि दुधवा का इकोसिस्टम संतुलित और स्वस्थ है, जो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। बाघ को इतने करीब देखकर सफारी गाइडों ने तुरंत पर्यटकों को सतर्क किया और उन्हें शांत रहने, शोर न मचाने तथा जिप्सी से नीचे न उतरने की सख्त हिदायत दी। पार्क प्रशासन ने भी पर्यटकों से अपील की है कि सफारी के दौरान नियमों का पूरी तरह पालन करें, ताकि न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके बल्कि वन्यजीवों की प्राकृतिक दिनचर्या भी प्रभावित न हो। दुधवा नेशनल पार्क में इस तरह बाघों का खुलेआम घूमना यहां के मजबूत संरक्षण तंत्र और सुरक्षित वातावरण को दर्शाता है। यदि आप भी प्रकृति, वन्यजीव और रोमांच के शौकीन हैं, तो दुधवा नेशनल पार्क घूमने के लिए यह समय बेहद खास और यादगार साबित हो सकता है।
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