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कमला हैरिस ने ईरान पर अमेरिकी हमले को ‘बकवास’ बताया, ट्रंप ने नेतन्याहू के दबाव में अमेरिका को युद्ध में धकेला

Washington: कमला हैरिस ने ईरान पर अमेरिकी हमले को 'बकवास' बताया, ट्रंप ने नेतन्याहू के दबाव में अमेरिका को युद्ध में धकेला
Washington:  ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों की कमला हैरिस ने एक बार फिर खुलकर निंदा की है। अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति ने इसे मंच से बकवास कृत्य करार दिया। हैरिस ने लास वेगास में डेमोक्रेटिक पार्टी के एक कार्यक्रम में अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध की आलोचना करते हुए इसे “बकवास” कहा तो वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं।

अमेरिकी जनता युद्ध नहीं चाहती

हैरिस ने कहा, “ईरान में यह युद्ध, जिसे अमेरिकी जनता नहीं चाहती, जिसे कांग्रेस की मंजूरी नहीं मिली, और अगर मिल भी जाती, तब भी इसे शुरू नहीं किया जाना चाहिए था। वह ‘पूरी तरह तबाह कर देने’ की बात कर रहे थे… यह सब सिर्फ बकवास है।”
पहली बार नहीं है जो कमला हैरिस इस हमले को बकवास बता रही हैं। इससे पहले भी वो इन हमलों की मुखालफत करती रही हैं। अप्रैल-मई 2026 में ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कड़ी आलोचना की है।

Washington:  ट्रंप को साजिश का सरगना बताया

कमला हैरिस ने राष्ट्रपति ट्रंप पर नेतन्याहू के दबाव में आकर अमेरिका को एक अवांछित युद्ध में धकेलने का आरोप लगाया है। हैरिस ने इसे अमेरिकी हितों के खिलाफ बताया और कहा कि यह कार्रवाई घरेलू मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश है।
11 अप्रैल को नेशनल एक्शन नेटवर्क कॉन्फ्रेंस में हैरिस ने चेतावनी दी थी कि ईरान के साथ युद्ध, नाटो पर ट्रंप के हमले और अन्य विदेश नीति संबंधी निर्णय विश्व में अमेरिका की स्थिति को कमजोर कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को साजिश का सरगना तक बता डाला था।

Washington:  अमेरिका की साख पर बट्टा लगा

हैरिस ने कहा, “वह एक गिरोह के सरगना की तरह व्यवहार करते हैं। आप पूर्वी यूरोप को लीजिए, मैं पश्चिमी गोलार्ध को लूंगा और हम इसे आपस में बांट लेंगे।”
हैरिस के मुताबिक इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप को ईरान संघर्ष में “घसीटा” है। हैरिस का मानना है कि इस तरह के फैसलों से अमेरिका की साख पर बट्टा लगा है।