Sunetra Pawar: एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) ने राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया है। वे रविवार शाम 5 बजे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। पार्टी नेतृत्व ने इस फैसले को मौजूदा राजनीतिक हालात में स्थिरता और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से अहम बताया है।
विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित
जानकारी के अनुसार, एनसीपी विधायक दल की बैठक में वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे छगन भुजबल समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने समर्थन दिया। इसके बाद उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी गई।
Sunetra Pawar: महाराष्ट्र लोकभवन में सादगीपूर्ण शपथ ग्रहण
सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह शाम 5 बजे महाराष्ट्र लोकभवन में होगा। शपथ ग्रहण की सूचना राजभवन को दे दी गई है। बताया जा रहा है कि यह समारोह सादगीपूर्ण होगा और राज्यपाल शाम करीब चार बजे मुंबई पहुंचेंगे।
पार्टी कार्यकर्ताओं को साधने की बड़ी जिम्मेदारी
एनसीपी नेता अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि पार्टी के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पहले यह तय करना जरूरी था कि पार्टी की कमान किसे सौंपी जाए और सभी कार्यकर्ताओं व विधायकों की सहमति से सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति बनी।
Sunetra Pawar: स्थानीय निकाय चुनावों में अहम भूमिका
अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि आने वाले समय में स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं और जिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया था, उन्हें जीत दिलाने के लिए दिवंगत नेता लगातार सक्रिय थे। अब उनकी अनुपस्थिति में संगठन और उम्मीदवारों को संभालने की जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार पर होगी।
कार्यकर्ताओं से सीधा जुड़ाव बना ताकत
विधायक सना मलिक ने कहा कि उपमुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख पद के लिए सुनेत्रा पवार का नाम सामने आना स्वाभाविक था। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से सुनेत्रा पवार लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं के संपर्क में थीं, जिससे संगठन में उनकी स्वीकार्यता मजबूत हुई है।
एनसीपी विलय की चर्चाओं पर संशय
शरद पवार गुट के साथ संभावित विलय को लेकर पूछे गए सवाल पर अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि इस दिशा में पहले कुछ प्रयास हुए थे, लेकिन अब उन चर्चाओं का भविष्य स्पष्ट नहीं है। वहीं सना मलिक ने कहा कि जब तक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष तय नहीं होता, तब तक किसी भी तरह के विलय की संभावना कम है।
ये भी पढ़े… SIR नोटिस पर जेल से ब्लॉक कार्यालय पहुंचा कफ सिरप–याबा मामले का आरोपी






