Hindu Panchang Today: हिंदू पंचांग भारत की प्राचीन समय-गणना की एक अहम पद्धति है, जिसका उपयोग लंबे समय से धार्मिक, सांस्कृतिक और रोज़मर्रा के कार्यों के लिए किया जाता रहा है। पंचांग शब्द का अर्थ होता है पांच अंगों से बना हुआ, जिसमें वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण शामिल होते हैं। इन पांचों अंगों के आधार पर शुभ और अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है।
मंगलवार का महत्व
पंचांग की मदद से यह जाना जाता है कि विवाह, गृह प्रवेश, नया काम शुरू करना, यात्रा या पूजा-पाठ जैसे महत्वपूर्ण कार्य किस समय करना लाभदायक रहेगा। सही मुहूर्त में किए गए कार्यों से सफलता और शांति मिलने की मान्यता है।
दृक पंचांग के अनुसार 3 फरवरी मंगलवार का दिन है। मंगलवार का दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान और मां दुर्गा की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। वहीं मां दुर्गा की आराधना से सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

Hindu Panchang Today: तिथि और नक्षत्र विवरण
पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 7 बजकर 8 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 2 मिनट पर होगा। तिथि की बात करें तो कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रात 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। मघा नक्षत्र रात 10 बजकर 10 मिनट तक रहेगा, फिर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र आरंभ होगा। शोभन योग 4 फरवरी की सुबह 2 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। वहीं तैतिल करण दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक प्रभावी रहेगा।
शुभ समय की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 6 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक होगा, जिसे सभी प्रकार के कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 24 मिनट से 3 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अमृत काल शाम 7 बजकर 50 मिनट से रात 9 बजकर 24 मिनट तक माना गया है।

सावधानी और सुझाव
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 3 बजकर 18 मिनट से 4 बजकर 40 मिनट तक, यमगण्ड सुबह 9 बजकर 52 मिनट से 11 बजकर 13 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से 1 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इन समयों में कोई भी नया या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
आज मघा नक्षत्र होने के कारण कुछ समय गण्ड मूल और आडल योग का प्रभाव भी रहेगा, इसलिए विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है। शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ, दान और जरूरी निर्णय लेना लाभकारी माना गया है, जबकि अशुभ समय में नए कार्य शुरू न करना ही उचित रहेगा।








