Tamil Nadu voting data: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरुवार को लोकतंत्र का नया अध्याय लिखा गया। राज्य की 234 सीटों पर हुए मतदान में 84.73% वोटिंग दर्ज की गई, जिसने पिछले 74 वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।
शांतिपूर्ण मतदान, भारी सुरक्षा इंतजाम
करीब 3.6 लाख चुनाव कर्मियों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सुबह से ही पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं और युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में मतदान को लेकर खासा उत्साह रहा।
Tamil Nadu voting data: 2021 के मुकाबले बड़ा उछाल
इस बार का 84.73% मतदान 2021 के 73.63% के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि मतदाताओं की कुल संख्या 6.41 करोड़ से घटकर 5.73 करोड़ रह गई है, जिसके चलते प्रतिशत में यह उछाल और अधिक दिखाई दे रहा है। फिर भी 84% का आंकड़ा पार करना अपने आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
Tamil Nadu voting data: इतिहास में क्यों खास है यह चुनाव?
तमिलनाडु में 2011 का चुनाव अब तक सबसे ज्यादा मतदान (78.01%) के लिए जाना जाता था। 1967 में पहली बार 75% से अधिक वोटिंग हुई थी, जिसने द्रविड़ राजनीति की नींव मजबूत की। 2026 का यह चुनाव इन सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ चुका है।
क्या महिलाएं बनीं निर्णायक फैक्टर?
इस चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से करीब 10 लाख अधिक रही। कुल 2.93 करोड़ महिला और 2.83 करोड़ पुरुष वोटर्स ने मतदान किया। पिछले कुछ चुनावों की तरह इस बार भी महिलाओं की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
तीसरी शक्ति ने बढ़ाई दिलचस्पी
इस चुनाव में थलपति विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) की एंट्री ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रीय दलों ने भी चुनावी समीकरण को और रोचक बना दिया है, जिससे वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
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