UP Budget Session 2026: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी और जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, हंगामे के बीच भी राज्यपाल ने अपना अभिभाषण बिना रुकावट जारी रखा।
सपा विधायकों का जोरदार विरोध
अभिभाषण के दौरान सपा के कई विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध किया और सदन में ‘राज्यपाल गो बैक’ के नारे लगाए। वहीं, सपा की पल्लवी पटेल अपनी सीट पर बैठी रहीं और प्रदर्शन में शामिल नहीं हुईं। सरधना से विधायक अतुल प्रधान ने अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा से जुड़े मुद्दे पर विरोध जताया।

UP Budget Session 2026: पल्लवी पटेल ने विरोध टाला
सपा विधायकों की तख्तियों पर “विकास के नाम पर विनाश”, “अस्पतालों में न दवा, न सुविधा”, “गरीबों की सुनवाई नहीं”, “पीडीए खत्म करेगा भाजपा का राज” और “एसआईआर एक साजिश है” जैसे नारे लिखे हुए थे। विरोध के बावजूद राज्यपाल ने अभिभाषण जारी रखा और कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से लगभग छह करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ चुके हैं।
वहीं, सपा विधायक जाहिद बेग फार्म-7 और एसआईआर से जुड़े मुद्दों को लेकर तख्तियों के साथ विधानसभा पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।

बजट सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त होने के बाद प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब कोई राज्य सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को इस तरह सदन में प्रस्तुत कर रही है।
आर्थिक सर्वेक्षण सदन में पेश
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश को पिछड़ेपन से बाहर निकालकर भारतीय अर्थव्यवस्था में एक मजबूत स्थान दिया गया है। वहीं, बजट सत्र से पहले सपा के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधानसभा परिसर में स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।







