UP News: मुरादाबाद जिले में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग की टीम के जाल में फंस गया। काशीपुर-ठाकुरद्वारा हाईवे के पास स्थित एक निजी फैक्ट्री परिसर में घूम रहे करीब चार साल के तेंदुए को रविवार को सफलतापूर्वक पिंजरे में कैद कर लिया गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद फैक्ट्री कर्मचारियों और आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
एक सप्ताह से बनी थी दहशत
जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री परिसर और उसके आसपास पिछले करीब एक सप्ताह से तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही थी। रात के समय उसकी गतिविधियां परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई थीं। वीडियो फुटेज सामने आने के बाद कर्मचारियों में भय का माहौल बन गया था। एहतियात के तौर पर फैक्ट्री प्रबंधन ने रात की शिफ्ट में काम सीमित कर दिया था और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फैक्ट्री प्रबंधन ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके का निरीक्षण किया। टीम ने तेंदुए की गतिविधियों और संभावित मार्गों का अध्ययन कर रणनीति तैयार की।
UP News: बकरी को बनाया गया चारा
वन विभाग की टीम ने फैक्ट्री परिसर के भीतर एक सुरक्षित स्थान पर लोहे का पिंजरा लगाया। तेंदुए को आकर्षित करने के लिए पिंजरे के भीतर एक बकरी को चारे के रूप में बांधा गया। साथ ही आसपास निगरानी के लिए कैमरे और टीम के सदस्य तैनात किए गए। लगातार निगरानी के बाद रविवार तड़के तेंदुआ शिकार की तलाश में पिंजरे के पास पहुंचा और अंदर प्रवेश करते ही दरवाजा बंद हो गया। तेंदुए के पिंजरे में कैद होते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। एहतियातन आसपास की भीड़ को दूर रखा गया, ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी न हो।

अमानगढ़ रेंज में छोड़ा जाएगा
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पकड़ा गया तेंदुआ करीब चार साल का है और स्वस्थ प्रतीत हो रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित रूप से अमानगढ़ रेंज के जंगल में छोड़ने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में ही छोड़ा जाता है, ताकि वे आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रह सकें। साथ ही वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी क्षेत्र में जंगली जानवर की हलचल दिखाई दे तो तुरंत विभाग को सूचना दें। स्वयं किसी प्रकार का जोखिम उठाने या जानवर को घेरने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे जान-माल का खतरा बढ़ सकता है।
Report BY: सलमान युसूफ
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