Drug Cartel Arrests: पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब पोलिस ने पाकिस्तान से जुड़े एक इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल का पर्दाफाश किया है। इस मामले में सेना के एक जवान और पंजाब पुलिस के एक बर्खास्त कर्मचारी समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से 4.8 किलोग्राम हेरोइन, एक पिस्तौल, कारतूस और ड्रग मनी बरामद की गई है।
दो महीने की खुफिया कार्रवाई के बाद गिरफ्तारी
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह कार्रवाई करीब दो महीने तक चले खुफिया ऑपरेशन के बाद की गई। जांच के दौरान जेल के भीतर और बाहर से जुड़े लिंक सामने आए, जिससे नेटवर्क के सीमा पार संबंधों का खुलासा हुआ।
Drug Cartel Arrests: गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में जरनैल सिंह (भारतीय सेना का जवान), अमरदीप सिंह (पंजाब पुलिस का बर्खास्त कर्मचारी), डिंपल रानी (फिरोजपुर), रमनदीप कौर, सरबजीत सिंह और अमृतपाल सिंह (मोगा जिला) शामिल हैं।
हेरोइन, हथियार और लग्जरी गाड़ियां जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4.8 किलो हेरोइन, करीब 30 हजार रुपये की संदिग्ध ड्रग मनी, एक .30 बोर की पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही थार और एक्सयूवी-500 गाड़ियां भी जब्त की गई हैं।
Drug Cartel Arrests: ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से होती थी सप्लाई
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे। ये तस्कर ड्रोन के जरिए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर भारत में हेरोइन की खेप भेजते थे। पुलिस अब सीमा पार हैंडलर्स और राज्य के भीतर फैले डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की पहचान में जुटी है।
फरीदकोट में हुई पहली बड़ी बरामदगी
फरीदकोट की एसएसपी प्रज्ञा जैन ने बताया कि सीआईए स्टाफ ने 20 और 21 फरवरी की रात ग्रीन एवेन्यू के पास एक थार गाड़ी को रोका। तलाशी के दौरान 1.008 किलो हेरोइन और नकदी बरामद हुई, जिसके बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
Drug Cartel Arrests: आदतन अपराधी निकला मुख्य आरोपी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह खेप अमरदीप सिंह द्वारा सप्लाई की गई थी। बाद में पुलिस ने उसे और उसकी साथी डिंपल रानी को गोलेआना सेमनाला गांव के पास से गिरफ्तार कर 3.796 किलो हेरोइन और हथियार बरामद किए। पुलिस के मुताबिक अमरदीप सिंह के खिलाफ पहले से नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने चेकपॉइंट और टोल प्लाजा पर जांच से बचने के लिए आधिकारिक पहचान पत्रों का गलत इस्तेमाल किया। सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि सीमा पार हैंडलर्स और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
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