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अमरोहा में शराबबंदी लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर जिला आर्य प्रतिनिधि सभा ने PM-CM के नाम सौंपा DM को ज्ञापन

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UP News: अमरोहा जिले में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा अमरोहा की ओर से राष्ट्रव्यापी शराबबंदी लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, नई दिल्ली तथा राष्ट्रीय शराबबंदी संयुक्त मोर्चा के घटक संगठन आर्य समाज, सर्वोदय समाज लोक समिति, शराबबंदी संघर्ष समिति, पीवीआई आदि सामाजिक संगठन लंबे समय से शराबबंदी की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। लखनऊ स्थित आर्य प्रतिनिधि सभा कार्यालय के साथ-साथ जिला स्तर पर भी लगातार ज्ञापन दिए जाते रहे हैं, लेकिन अब तक प्रदेश में शराबबंदी लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

शराब के कारण अपराधों में वृद्धि

सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि शराब के कारण अपराधों में वृद्धि हो रही है और अनेक परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच रहे हैं। महिलाओं और बच्चों के साथ शोषण तथा घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसी स्थिति में प्रदेश और राष्ट्रहित को देखते हुए उत्तर प्रदेश में भी गुजरात और बिहार की तर्ज पर पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए। ज्ञापन में नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए मांग की गई कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो, जिसमें सभी वर्गों के बच्चे समान रूप से एक साथ शिक्षा प्राप्त करें तथा शिक्षा पर होने वाला व्यय सरकार वहन करे। आर्य समाज को राष्ट्र का सजग प्रहरी बताते हुए कहा गया कि स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और अनेक कार्यकर्ताओं ने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया। शराबबंदी स्वतंत्रता सेनानियों के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही है, जिसे अब तक पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया।

UP News: सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग

इसके अलावा सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। सभा ने कहा कि जिन संस्थानों में आम जनता की भागीदारी होती है, उनका निजीकरण नहीं किया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि उत्तर प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी के पदों को समाप्त किए जाने से कम पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसी व्यवस्था से गरीब वर्ग ठेकेदारी प्रणाली पर निर्भर हो गया है। मांग की गई कि स्वतंत्रता पूर्व से चली आ रही चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमित नियुक्ति की व्यवस्था को पुनः बहाल किया जाए। ज्ञापन देने वालों में कार्यकारी मंत्री धर्मवीर सिंह आर्य, संयोजक रोहताश सिंह, सुभाष दुआ, विनय त्यागी, हेतराम सागर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

Report BY: मौ. अज़ीम

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