Siddaramaiah Resigns: कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस नेता सिद्दारमैया (Siddaramaiah) ने गुरुवार को भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक राजनीति में सक्रिय रहेंगे और संविधान तथा सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। बेंगलुरु के लोक भवन में राज्यपाल के सचिव को इस्तीफा सौंपने के बाद उन्होंने मीडिया को संबोधित किया।
संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा का संकल्प
सिद्दारमैया ने कहा कि वह सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लगातार लड़ते रहेंगे, क्योंकि वे संविधान के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि अगर संविधान नहीं होता तो उन्हें शिक्षा और राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन समानता, सामाजिक न्याय और गरीबों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने हर वर्ग तक भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया।
Siddaramaiah Resigns: हाईकमान के निर्देश पर दिया इस्तीफा
सिद्दारमैया ने बताया कि कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि वह पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश मिलते ही पद छोड़ देंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यपाल उनके इस्तीफे को स्वीकार करेंगे और कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत होने के कारण नई सरकार के गठन में कोई दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास 138 विधायकों का समर्थन है और सरकार मजबूती से आगे बढ़ेगी।
कांग्रेस नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का जताया आभार
सिद्दारमैया ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हमेशा उनका साथ दिया। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि जनता ही उनके लिए भगवान के समान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता के रूप में मिले अवसरों के लिए वह कर्नाटक की जनता के प्रति हमेशा आभारी रहेंगे।
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