Fake Passport: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी को सजा दिलाई है, जिसमें उसने नकली पासपोर्ट बनाने और अवैध मुद्रा तस्करी करने के आरोप में दोषी पाया गया था। चेन्नई के एग्मोर स्थित कोर्ट ने आरोपी उबैदुल्लाह को 4 साल सश्रम कारावास और 20,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
नकली पासपोर्ट बनवाने का मामला
सीबीआई ने 31 दिसंबर 2018 को जालसाजी और धोखाधड़ी के इस मामले की जांच शुरू की थी। आरोपी ने कई नकली पहचान बनवाकर विभिन्न नामों से पासपोर्ट बनवाए, जिनमें उबैदुल्लाह खान और फैजल खान जैसे नाम शामिल थे। उसने इन पासपोर्टों का इस्तेमाल विदेश यात्रा करने के लिए किया। चेन्नई एयरपोर्ट पर सिंगापुर जाने वाली फ्लाइट में चढ़ते समय कस्टम अधिकारियों ने उसे पकड़ा और उसके पास लगभग 36.74 लाख रुपए की विदेशी मुद्रा अवैध रूप से पाई।
Fake Passport: सीबीआई की जांच और कोर्ट का फैसला
सीबीआई की जांच में यह साबित हुआ कि आरोपी ने जानबूझकर गलत जानकारी दी और जाली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त किए। कोर्ट ने सभी सबूतों की जांच के बाद आरोपी को जालसाजी, धोखाधड़ी और पासपोर्ट एक्ट के उल्लंघन का दोषी ठहराया।
सख्त कार्रवाई और सुरक्षा संबंधी महत्व
यह मामला सीबीआई की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है, जो देश की सुरक्षा और इमिग्रेशन सिस्टम को चुनौती देने वाली अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार काम कर रही है। चेन्नई जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर इस तरह की धोखाधड़ी से निपटने के लिए कस्टम और पासपोर्ट अधिकारियों की निगरानी सख्त की जाती है।






