RG Kar केस के बाद बढ़ा सरकार पर दबाव
कोलकाता के RG Kar अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस घटना के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरे थे। विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर हमला बोल रहा है।
Mamata Banerjee: TMC सांसद सुखेंदु शेखर रॉय का बड़ा बयान
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद Sukhendu Sekhar Roy ने पार्टी के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि TMC की विश्वसनीयता राष्ट्रीय राजनीति में कमजोर हुई है और पार्टी के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने RG Kar मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि केस को सही तरीके से नहीं संभाला गया और आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस तंत्र का इस्तेमाल किया गया।
Mamata Banerjee: हार के लिए संगठन और रणनीति को जिम्मेदार ठहराया
रॉय ने संकेत दिया कि चुनावी हार पहले से तय मानी जा रही थी और इसके लिए जमीनी कार्यकर्ताओं से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक सभी जिम्मेदार हैं। उन्होंने राजनीतिक रणनीतिकार संस्था I-PAC की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक पार्टी ने I-PAC को जरूरत से ज्यादा अधिकार दे दिए थे, जिससे संगठन कमजोर होता गया और कार्यकर्ताओं की सीधी पहुंच नेतृत्व तक कम हो गई।
पार्टी के भीतर बढ़ रहा असंतोष
सूत्रों के अनुसार, TMC के कई नेता I-PAC की कार्यशैली से नाराज हैं। आरोप है कि संगठन में पारदर्शिता कम हुई और पार्टी पदों को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें बढ़ीं। कुछ नेताओं ने लेन-देन और अंदरूनी गुटबाजी के आरोप भी लगाए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी हार के बाद TMC के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर मंथन तेज हो गया है। वहीं विपक्ष इसे ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ बढ़ती नाराजगी का संकेत बता रहा है।
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