DGCA: हाल ही में बढ़ी एविएशन दुर्घटनाओं के बीच, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स (एनएसओपी) के लिए सुरक्षा नियमों को सख्त करने का ऐलान किया है। सुरक्षा में कोई समझौता न करने के उद्देश्य से डीजीसीए ने एक जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी लागू करने के लिए कड़े नए उपायों की घोषणा की।
एनएसओपी ऑपरेटरों के लिए नई सुरक्षा नीतियां
डीजीसीए ने एनएसओपी ऑपरेटरों से अपनी वेबसाइट पर एयरक्राफ्ट की उम्र, मेंटेनेंस हिस्ट्री, और पायलट के अनुभव जैसी जरूरी जानकारी प्रकाशित करने को कहा है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को उनके द्वारा चार्टर किए गए एयरक्राफ्ट के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करना है। इसके अलावा, एक सेफ्टी रैंकिंग सिस्टम लागू करने की भी योजना है।
DGCA: सख्त कार्रवाई और नए नियम
डीजीसीए ने यह भी कहा कि जिन ऑपरेटरों ने नियमों का पालन नहीं किया, उन्हें जुर्माना लगाया जाएगा और उनका लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। पायलटों के लिए एफडीटीएल (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) उल्लंघन पर 5 साल तक के लिए लाइसेंस सस्पेंड किए जा सकते हैं। सुरक्षा मानकों का पालन न करने के लिए ऑपरेटर के वरिष्ठ नेतृत्व को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
मौसम से जुड़े दुर्घटनाओं पर ध्यान
डीजीसीए ने यह भी कहा कि मौसम से जुड़ी दुर्घटनाएं अक्सर गलत निर्णयों का परिणाम होती हैं। इसके मद्देनजर, ऑपरेटरों को रियल-टाइम मौसम अपडेट सिस्टम स्थापित करने और निर्धारित एसओपी का पालन करने का आदेश दिया गया है। पायलटों के लिए नियमित ट्रेनिंग में वेदर अवेयरनेस और सुरक्षित निर्णय लेने की रणनीतियों पर जोर दिया जाएगा।
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