Iran Political Crisis: रज़ा पहलवी ने हाल ही में ईरान की राजनीतिक स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई अब इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं और उनका दौर खत्म होने की ओर है। निर्वासन में रह रहे पहलवी ने ईरान के लोगों के नाम जारी संदेश में खामेनेई को अपने समय का बहुत कठोर और हिंसक शासक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि खामेनेई के शासन के दौरान हजारों ईरानी युवाओं और नागरिकों की जान गई है।
खामेनेई की मौत से व्यवस्था अंत की आशंका
पहलवी के अनुसार, खामेनेई की मृत्यु केवल एक घटना नहीं है, बल्कि यह ईरान की मौजूदा इस्लामिक गणराज्य व्यवस्था के अंत की शुरुआत भी हो सकती है। उनका मानना है कि इस शासन का प्रभाव अब धीरे-धीरे खत्म हो चुका है और आने वाले समय में यह व्यवस्था इतिहास के पन्नों में मिल सकती है।

Iran Political Crisis: उत्तराधिकारी प्रयास विफल रहेगा
उन्होंने यह भी कहा कि अगर मौजूदा सरकार से जुड़े लोग खामेनेई की जगह किसी नए नेता को लाने की कोशिश करेंगे, तो वह प्रयास सफल नहीं होगा। पहलवी ने चेतावनी दी कि शासन के समर्थक चाहे जिसे भी उत्तराधिकारी बनाने की कोशिश करें, उसे जनता का समर्थन और वैधता नहीं मिल पाएगी। उनका कहना है कि ऐसा व्यक्ति भी सरकार के पुराने अपराधों से जुड़ा माना जाएगा।
सुरक्षा बलों से जनता का साथ देने की अपील
इसके अलावा पहलवी ने ईरान की सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों से भी बात की। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि गिरते हुए शासन को बचाने की कोशिश न करें, क्योंकि ऐसा करना सफल नहीं होगा। उन्होंने सुरक्षा बलों से कहा कि उनके पास यह आखिरी मौका है कि वे जनता का साथ दें और ईरान को एक स्वतंत्र और समृद्ध भविष्य देने में मदद करें।
पहलवी ने यह भी कहा कि खामेनेई की मृत्यु से न्याय तो नहीं मिलेगा और न ही मारे गए लोगों का खून वापस आ सकेगा, लेकिन इससे उन परिवारों को कुछ राहत मिल सकती है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। उन्होंने उन माता-पिता, जीवनसाथियों और बच्चों का जिक्र किया जिन्होंने हिंसा में अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया।

ईरान में बदलाव की आहट, जनता सतर्क रहे
उन्होंने ईरान की जनता की तारीफ करते हुए उन्हें सम्मानित और बहादुर बताया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की। पहलवी का कहना था कि देश में बड़े बदलाव का समय करीब आ सकता है और यह किसी राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत भी हो सकती है, लेकिन अभी संघर्ष खत्म नहीं हुआ है।
उन्होंने लोगों को तैयार रहने और सावधान रहने की सलाह दी। उनका कहना था कि जल्द ही सड़कों पर बड़े पैमाने पर और निर्णायक उपस्थिति का समय आ सकता है। उन्होंने लोगों से कहा कि सभी को मिलकर, एकजुट होकर और मजबूत तरीके से आगे बढ़ना होगा ताकि आखिरी जीत हासिल की जा सके और भविष्य में ईरान की आजादी का जश्न अपने देश में मनाया जा सके।
पहलवी का दावा, ईरान लोकतंत्र की ओर बढ़ेगा
रज़ा पहलवी ईरान के आखिरी शाह के बेटे हैं और कई वर्षों से अमेरिका में निर्वासन में रह रहे हैं। हाल के समय में उन्होंने विदेश से ही ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अगर मौका मिलता है तो वे तेहरान लौटकर अंतरिम नेता के रूप में देश को लोकतंत्र की दिशा में ले जाने में भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
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