US-Israel Iran War: मध्य-पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव और गहरा गया है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी और सख्त चेतावनी दी है।
ट्रंप का ट्रूथ सोशल पर बड़ा बयान
रविवार को ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा कि ईरान ने “अब तक के सबसे बड़े हमले” की बात कही है, लेकिन अगर ईरान ऐसा करता है तो अमेरिका उसका जवाब ऐसी ताकत से देगा, जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान को किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले गंभीर परिणामों के बारे में सोचना चाहिए।
US-Israel Iran War: खामेनेई की मौत के बाद उग्र हुआ ईरान
खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान के शीर्ष सैन्य संगठनों में उबाल देखा जा रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सरकारी टीवी पर बयान जारी कर अमेरिका और इजरायल से बदला लेने की कसम खाई है। आईआरजीसी ने कहा कि उनके नेता के हत्यारों को “कठोर, निर्णायक और अफसोसनाक सजा” दी जाएगी।
ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ का ऐलान
आईआरजीसी ने घोषणा की है कि उसने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के पांचवें चरण की शुरुआत कर दी है। इसके तहत हिंद महासागर समेत कई क्षेत्रों में अमेरिकी जहाजों, ईंधन टैंकरों और सप्लाई रूट्स को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई उसके “ऐतिहासिक प्रतिशोध” का हिस्सा है।
US-Israel Iran War: ईरानी संसद अध्यक्ष की खुली धमकी
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने भी तीखा बयान देते हुए अमेरिका और इजरायल को “गंदे अपराधी” करार दिया। टेलीविजन संबोधन में उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने ईरान की लाल रेखा पार कर ली है और अब उन्हें इसकी “बहुत भारी कीमत” चुकानी होगी।
दुनिया की नजरें अमेरिका-ईरान टकराव पर
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की चेतावनी और ईरान की आक्रामक भाषा आने वाले दिनों में हालात को और विस्फोटक बना सकती है। यदि दोनों पक्ष पीछे नहीं हटे, तो यह संघर्ष पूरे मध्य-पूर्व ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकता है।
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