Iran crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बड़ा कदम उठाया है। रविवार को ईरान ने पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉर्पोरेशन (PNSC) के तीन जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने से रोक दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये तीनों जहाज तेल लेकर जा रहे थे। रोक दिए गए जहाजों के नाम कराची, लाहौर और खैरपुर बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, लाहौर और खैरपुर जहाजों को संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह पर रुकने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कराची जहाज को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह पर लंगर डालने को कहा गया है। तीनों जहाजों पर पाकिस्तानी क्रू सवार था।
Iran crisis: ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी जहाजों के लिए बंद’
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य फिलहाल सभी जहाजों के लिए बंद है, चाहे वे व्यापारिक हों या सैन्य। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यही मार्ग फारस की खाड़ी से खुले समुद्र तक जाने का एकमात्र रास्ता है। सऊदी अरब, ईरान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों का तेल इसी रास्ते से वैश्विक बाजारों तक पहुंचता है। इसकी लंबाई करीब 167 किलोमीटर और चौड़ाई सबसे संकरी जगह पर लगभग 39 किलोमीटर है।
ओमान के पास तेल टैंकर पर हमला
Iran crisis: क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के बीच ईरान ने रविवार को ओमान के मुसैंडम प्रायद्वीप के पास एक तेल टैंकर को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि ‘स्काईलाइट’ नाम का यह टैंकर पलाऊ का झंडा लगाए हुए था। जहाज पर मौजूद सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिनमें 15 भारतीय नागरिक भी शामिल थे। हालांकि इस हमले में 4 लोग घायल हुए हैं। कतर ने ओमान के वाणिज्यिक बंदरगाह दुक्म और उसके आसपास तेल टैंकर को निशाना बनाने की घटना की कड़ी निंदा की है। अमेरिका और इजरायल के हमलों तथा ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है।
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