Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने संतोष और खुशी जाहिर की है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का मतदान में हिस्सा लेना लोकतंत्र के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।
‘वोटिंग से लोकतंत्र होता है मजबूत’
सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक नागरिक के तौर पर इतने बड़े पैमाने पर मतदान देखकर खुशी होती है। जब लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब नागरिक वोट की अहमियत समझते हैं, तो वे हिंसा से दूर रहते हैं।
Bengal Elections: शांतिपूर्ण चुनाव पर भी संतोष
सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने भी चुनाव प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए कहा कि पहले चरण में किसी बड़ी हिंसक घटना की खबर सामने नहीं आई, जो एक सकारात्मक संकेत है।
91% से ज्यादा मतदान, बना नया रिकॉर्ड
पश्चिम बंगाल में पहले चरण में लगभग 91.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2011 के 84.72 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड से काफी अधिक है। खास बात यह रही कि महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही—महिला मतदान 92.69 प्रतिशत जबकि पुरुषों का 90.92 प्रतिशत रहा।
Bengal Elections: सरकार की ओर से भी सराहना
तुषार मेहता ने भी इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह आंकड़ा लोकतंत्र में जनता के गहरे विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका की भी सराहना की। यह रिकॉर्ड मतदान पश्चिम बंगाल की पहले से मजबूत चुनावी भागीदारी को और भी मजबूत करता है और देश में लोकतंत्र की जड़ों को गहराई देता है।
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