Salim Wastik: उत्तर प्रदेश में कानून–व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा संदेश गया है। जहां योगी सरकार की ‘अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत गाजियाबाद के लोनी में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश जीशान को पुलिस ने देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। इस एनकाउंटर के दौरान करीब 10 मिनट तक चली ताबड़तोड़ फायरिंग में लगभग 20 राउंड गोलियां चलीं जिसमें दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए है। घायल आरोपी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पहले पढिे़ए क्या था मामला?
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार सुबह लोनी थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने हमला कर दिया था। हमलावरों ने उन पर 14 बार चाकू से वार किया। उनकी गर्दन, पेट और कान पर गंभीर चोटें आईं। हमलावर उनका गला रेतने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सलीम के शोर मचाने पर वे उन्हें लहूलुहान हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
Salim Wastik: सीएम योगी ने लिया था संज्ञान
सलीम ‘सलीम वास्तिक 0007’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाते हैं और हाल ही में धर्म से जुड़ा बयान देने के बाद वे चर्चा में आए थे। हमले के बाद मामला संवेदनशील हो गया था और प्रदेश भर में इसकी चर्चा होने लगी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया और अधिकारियों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा था कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी जीशान की पहचान की, जो अमरोहा जिले के नगला सैफी का रहने वाला था और उस पर पहले से एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, देर रात लोनी इलाके में बाइक सवार संदिग्ध को रोकने की कोशिश की गई तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गया। मौके से एक पिस्टल, जिंदा कारतूस, वारदात में इस्तेमाल चाकू और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद की गई है। पुलिस अब फरार दूसरे आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का साफ़ कहना है कि प्रदेश में कानून–व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं लोनी की इस मुठभेड़ को योगी सरकार की अपराध पर कड़ी नीति के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ तेज कार्रवाई और एनकाउंटर की घटनाएं लगातार सुर्खियों में रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि सरकार कानून–व्यवस्था के मुद्दे पर किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।






