Bengal Elction 2026: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में आयोग सोमवार और मंगलवार को दो दिवसीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित करेगा। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया, अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद की स्थिति और चुनावी सुरक्षा तैयारियों का आकलन करना है।
अंतिम मतदाता सूची के बाद बढ़ी चुनावी गतिविधियां
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत न्यायिक जांच के लिए भेजे गए मामलों को छोड़कर अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। इसके बाद राज्य में चुनावी गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। आयोग अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित न करे।
Bengal Elction 2026: अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा
सोमवार सुबह 11 बजे से होने वाली बैठक में चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), अतिरिक्त व संयुक्त सीईओ, उप सीईओ, सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (जो जिला निर्वाचन अधिकारी भी हैं) और जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल चर्चा करेंगे। इस बैठक में जमीनी हालात और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
सीएपीएफ की तैनाती पर विशेष फोकस
बैठक में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 240 कंपनियों की मौजूदा तैनाती की भी समीक्षा की जाएगी, जिन्हें रविवार से ही राज्य में तैनात किया गया है। आयोग यह जानना चाहता है कि ये बल क्षेत्र पर प्रभुत्व स्थापित करने और संवेदनशील इलाकों से परिचित होने के लिए किस तरह इस्तेमाल किए जा रहे हैं। साथ ही, 10 मार्च को प्रस्तावित 240 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती पर भी चर्चा होने की संभावना है।
Bengal Elction 2026: मंगलवार को केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक
दूसरे दिन नई दिल्ली से आयोग के शीर्ष अधिकारी, राज्य के नोडल पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षा व जांच एजेंसियों के समन्वय अधिकारी वर्चुअल रूप से बैठक में शामिल होंगे। इसमें केंद्रीय बलों के प्रभावी उपयोग, राज्य और केंद्र की एजेंसियों के बीच तालमेल, अवैध धन, शराब और नशीली दवाओं के इस्तेमाल पर रोक तथा अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय सीमाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।
मतदान तिथि को लेकर अभी सस्पेंस
हालांकि, मतदान की तारीखों और आदर्श आचार संहिता के लागू होने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पहले संभावना थी कि होली के बाद मार्च के पहले सप्ताह में तारीखों का ऐलान होगा, लेकिन मतदाता दस्तावेजों से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया के चलते अब यह घोषणा मार्च के दूसरे सप्ताह में होने के संकेत मिल रहे हैं।
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