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Iran New Supreme Leader: खामेनेई की मौत के बाद कैसे चुना गया ईरान का नया सुप्रीम लीडर?

Iran New Supreme Leader: खामेनेई की मौत के बाद कैसे चुना गया ईरान का नया सुप्रीम लीडर?

Iran New Supreme Leader: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश में नए सुप्रीम लीडर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ रिपोर्टों में उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का नाम सामने आया है। ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि यह जिम्मेदारी Assembly of Experts नामक 88 सदस्यीय धार्मिक परिषद की होती है। यह परिषद योग्य धार्मिक विद्वानों में से मतदान के जरिए नए नेता का चुनाव करती है। यदि पद अचानक खाली हो जाए, तो संविधान के अनुसार एक अस्थायी व्यवस्था देश का संचालन करती है, जब तक औपचारिक रूप से नए सुप्रीम लीडर का चयन न हो जाए।

नया सुप्रीम लीडर कैसे चुना जाएगा। 

खामेनेई की मौत के बाद ईरान के संविधान के तहत तुरंत उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। ईरान का राजनीतिक सिस्टम सामान्य लोकतंत्र से अलग है, क्योंकि यहां सत्ता का केंद्र धार्मिक नेतृत्व होता है।
ईरान की शासन व्यवस्था विलायत-ए-फकीह सिद्धांत पर आधारित है। इस व्यवस्था में सुप्रीम लीडर देश का सर्वोच्च अधिकारी होता है, जो राष्ट्रपति और संसद से भी ऊपर माना जाता है। सेना, न्यायपालिका, विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अंतिम फैसले उसी के हाथ में होते हैं।1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह मॉडल लागू किया गया था, जब ईरान राजशाही से इस्लामिक रिपब्लिक बना। राष्ट्रपति जनता के वोट से चुना जाता है, लेकिन सुप्रीम लीडर का चयन धार्मिक-संवैधानिक प्रक्रिया से होता है।

Iran New Supreme Leader: खामेनेई की मौत के तुरंत बाद क्या हुआ?

संविधान के आर्टिकल 111 के अनुसार जैसे ही सुप्रीम लीडर का पद खाली होता है, देश में सत्ता का खालीपन न बने इसके लिए एक अस्थायी नेतृत्व व्यवस्था लागू की जाती है।खामेनेई की मौत के बाद भी यही प्रक्रिया अपनाई गई और एक अंतरिम नेतृत्व परिषद ने प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाली। इस परिषद में राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्डियन काउंसिल का वरिष्ठ सदस्य शामिल होते हैं, जो नए सुप्रीम लीडर के चयन तक देश चलाते हैं।

Iran New Supreme Leader: नया सुप्रीम लीडर कौन चुनता है?

ईरान में सुप्रीम लीडर का चुनाव जनता सीधे नहीं करती। यह जिम्मेदारी एक्सपर्ट्स की असेंबली नाम की संस्था के पास होती है।यह 88 वरिष्ठ इस्लामिक विद्वानों की परिषद होती है, जिन्हें ईरान की जनता चुनाव के जरिए चुनती है। संविधान के आर्टिकल 107 और 111 के तहत यही संस्था नए सुप्रीम लीडर की पहचान, जांच और नियुक्ति करती है। खामेनेई की मौत के बाद असेंबली की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई और धार्मिक व राजनीतिक योग्यता के आधार पर नए नेता का चयन किया गया।

सुप्रीम लीडर बनने के लिए क्या जरूरी होता है?

ईरान के संविधान के मुताबिक सुप्रीम लीडर बनने वाला व्यक्ति एक वरिष्ठ शिया धर्मगुरु होना चाहिए, जिसे इस्लामिक कानून की गहरी समझ हो। इसके साथ-साथ उसमें राजनीतिक समझ, प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व कौशल और जनता के बीच स्वीकार्यता भी जरूरी मानी जाती है।असेंबली योग्य उम्मीदवारों का मूल्यांकन करती है और जिसे सबसे सक्षम माना जाता है, उसे देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया जाता है।

Iran New Supreme Leader: क्यों इतना महत्वपूर्ण होता है यह पद?

ईरान में सुप्रीम लीडर सिर्फ धार्मिक प्रमुख नहीं बल्कि वास्तविक सत्ता का केंद्र होता है। विदेश नीति से लेकर सेना की कमान और बड़े राष्ट्रीय फैसले उसी के नियंत्रण में होते हैं। इसलिए खामेनेई की मौत के बाद नए सुप्रीम लीडर का चयन सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा हैनए नेतृत्व के साथ अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान की नीतियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं और क्षेत्रीय तनाव किस रूप में बदलता है।

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