Home » उत्तर प्रदेश » ईरान में फंसे बाराबंकी के लोगों को CM योगी भारत लाएंगे वापस! परिजनों ने सरकार से मांगी मदद

ईरान में फंसे बाराबंकी के लोगों को CM योगी भारत लाएंगे वापस! परिजनों ने सरकार से मांगी मदद

ईरान में फंसे बाराबंकी के लोग
Spread the love

UP News: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कई परिवारों की चिंता बढ़ गई है। ईरान के प्रमुख धार्मिक एवं शैक्षणिक केंद्र कुम में बाराबंकी के 12 से अधिक छात्र, मौलाना और उनके परिजन मौजूद हैं। हालिया हमलों के बाद इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से उनसे संपर्क टूट गया है, जिससे परिजन बेहद परेशान हैं।

संपर्क हुआ बाधित 

ईरान के कुम शहर में मौलाना जफर अब्बास उर्फ फैजी, मौलाना आबिद हुसैन काजमी, मौलाना अली मेहदी रिजवी, मौलाना सैयद काशिफ रिजवी जैदपुरी सहित कई लोग तालीम और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। इनके साथ परिवार के सदस्य, बच्चे और रिश्तेदार भी वहीं रह रहे हैं। हमले के तुरंत बाद शुरुआती दौर में कुछ लोगों से फोन पर बातचीत हो सकी थी लेकिन बाद में इंटरनेट सेवाएं बंद होने से संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया।

मौलाना जफर फैजी के भाई मौलाना अब्बास मेहदी ‘सदफ’ ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि हमले के बाद हुई बातचीत में जानकारी मिली थी कि कुम शहर की सीमा के पास धमाके हुए हैं। हालांकि शहर के भीतर हालात सामान्य बताए गए थे। इसके बाद से संपर्क न हो पाने के कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही है। कटरा मोहल्ले के मौलाना अली मेहदी के परिजनों ने भी इसी तरह की परेशानी जाहिर की है। मौलाना इमरान ने बताया कि कुम आमतौर पर शांत शहर है और वहां के लोग अमन पसंद हैं।

UP News: सलामती के लिए मांग रहे दुआ

मौजूदा समस्या की मुख्य वजह इंटरनेट सेवाओं का ठप होना है। सूचना के अनुसार, बाराबंकी के लोग सुरक्षित हैं लेकिन प्रत्यक्ष संपर्क न होने से अनिश्चितता बनी हुई है। मैंने खुद कई वर्षों तक कुम में काम किया है। बाराबंकी में परिजन मस्जिदों में इकट्ठा होकर अपने परिजनों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। अधिवक्ता दिलकश रिजवी ने बताया कि पहले संपर्क हो पा रहा था लेकिन अब पूरी तरह से संवाद बंद है, जिससे परिवारों में तनाव का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाने की व्यवस्था की जाए। परिजनों का कहना है कि मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।

ये भी पढ़े… ‘मस्जिद मत बना लियाे यहां, खाली कर दे वरना…’ गाजियाबाद में सड़क पर मजार देखकर आगबबूला हुई मेयर, वीडियो जमकर वायरल

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments