Iran crisis: ईरान में Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि देश का अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा। इसी बहस के बीच यह समझना भी जरूरी हो गया है कि आखिर अयातुल्लाह और ग्रैंड अयातुल्लाह होते कौन हैं, वे कैसे बनते हैं, क्या कोई भी शिया इस मुकाम तक पहुंच सकता है और क्या उन्हें शादी की इजाजत होती है। इन सवालों पर अली अब्बास नक़वी ने Al-Mustafa International University के पूर्व स्कॉलर मौलाना असलम रिजवी से खास बातचीत की।
अयातुल्लाह कैसे बनते हैं?
मौलाना असलम रिजवी के मुताबिक शिया इस्लामी शिक्षा में तीन बड़े पड़ाव होते हैं। पहला पड़ाव होता है हुज्जतुल इस्लाम का। जब कोई छात्र लगभग 10 साल तक मदरसे या इस्लामिक संस्थान में पढ़ाई करता है, तो उसे यह उपाधि मिलती है। इसके बाद करीब 10–15 साल और गहरी धार्मिक पढ़ाई और रिसर्च करनी होती है। तब जाकर कोई शख्स अयातुल्लाह बन पाता है। अयातुल्लाह के बाद का सबसे ऊंचा दर्जा होता है ग्रैंड अयातुल्लाह (आयतुल्लाह-उल-उज़्मा)। इस मुकाम तक पहुंचने में कुल मिलाकर 40 से 50 साल की लंबी पढ़ाई और तपस्या लगती है।
Iran crisis: कौन बन सकता है ग्रैंड अयातुल्लाह?
मौलाना रिजवी के अनुसार, सिद्धांत रूप से कोई भी शिया मुसलमान इस मुकाम तक पहुंच सकता है। लेकिन इसके लिए असाधारण याददाश्त, गहरी समझ और वर्षों की साधना जरूरी है। उसे पूरे कुरान की गहरी जानकारी होनी चाहिए और पैगंबर मोहम्मद साहब तथा उनके अहल-ए-बैत से जुड़ी लगभग 36 हजार हदीसों पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए। हर हदीस शब्दशः याद होना जरूरी नहीं, लेकिन उनका गहरा अध्ययन और समझ होना बेहद अहम है। इसी वजह से लाखों में से सिर्फ दो-चार लोग ही ग्रैंड अयातुल्लाह बन पाते हैं।
Iran crisis: क्या अयातुल्लाह शादी कर सकते हैं?
जी हां, कर सकते हैं। मौलाना रिजवी बताते हैं कि इस्लाम में ऐसा कोई नियम नहीं है कि ऊंचे धार्मिक पद पर पहुंचने के बाद विवाह नहीं किया जा सकता। कई दूसरे धर्मों में उच्च धार्मिक पदों पर विवाह की मनाही होती है, लेकिन शिया इस्लाम में अयातुल्लाह या ग्रैंड अयातुल्लाह शादी कर सकते हैं।
क्या किसी भी देश में बन सकते हैं अयातुल्लाह?
Iran crisis: तकनीकी तौर पर हां। ग्रैंड अयातुल्लाह किसी भी देश में रहकर बन सकते हैं। हालांकि, बेहतर धार्मिक शिक्षा और संसाधनों की वजह से ज्यादातर बड़े शिया विद्वान ईरान के क़ुम और इराक के नजफ में मिलते हैं। यहां के धार्मिक संस्थान दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। सबसे अहम बात यह है कि ग्रैंड अयातुल्लाह कोई सरकारी पोस्ट नहीं होती। यह एक ऐसा धार्मिक मुकाम है, जो लंबे समय की मेहनत, अध्ययन और विद्वता से हासिल किया जाता है।
ये भी पढ़ें: ईरान-इज़रायल तनाव का सूरत पर असर, हजारों करोड़ का निर्यात दांव पर






