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जहां हुआ सलीम वास्तिक को गोदने वाले ‘जीशान’ का एनकाउंटर, वहां कैमरे में क्या कैद हुआ?

Salim Wastik: जहां हुआ सलीम वास्तिक को गोदने वाले 'जीशान' का एनकाउंटर, वहां कैमरे में क्या कैद हुआ?

Salim Wastik: लोनी में एक्समुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के बाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने पूरे इलाके का माहौल गर्म कर दिया है। तीन दिनों के भीतर ही दूसरे मुख्य आरोपी गुलफाम के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा, कानूनव्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

9:20 बजे की सूचना और घेराबंदी

3 मार्च 2026 की रात करीब 9:20 बजे गाजियाबाद क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि सलीम वास्तिक पर हमला करने वाला 1 लाख रुपये का इनामी आरोपी गुलफाम फरार होने की कोशिश में है। इसके बाद क्राइम ब्रांच, स्वॉट टीम और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया।

पुलिस के अनुसार, लोकेशन ट्रेस होने के बाद संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का इशारा किया गया। अधिकारियों का दावा है कि सरेंडर करने के बजाय गुलफाम ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे पहले इसी मामले में मुख्य आरोपी जीशान भी मुठभेड़ में मारा जा चुका है।

Salim Wastik: ग्राउंड पर क्या है माहौल?

इस मामले की जांच के लिए जब खबर इंडिया के रिपोर्टर रोहित अत्री ने एनकाउंटर स्थल और आसपास के इलाकों का दौरा किया, तो लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ स्थानीय मुस्लिम निवासियों का कहना है कि पुलिस को गिरफ्तारी की कोशिश करनी चाहिए थी, एनकाउंटर आखिरी विकल्प होना चाहिए। उनका मानना है कि मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं, कुछ अन्य स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया। उनका कहना है कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है और इससे अपराध पर लगाम लगी है। समर्थकों का तर्क है कि जो भी गंभीर अपराध करेगा, उसे अंजाम भुगतना ही होगा।

Video Link:  https://youtu.be/-rCdAwWCd_o?si=E733JSO7Xc1ysMQd 

पुलिस का आधिकारिक बयान

मामले में धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी, ने बताया कि कमिश्नरेट की नीति अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की है। उनके मुताबिक, सलीम वास्तिक पर हमले में दो मुख्य आरोपी थेजीशान और गुलफाम। जीशान पहले ही मारा जा चुका था। दूसरे आरोपी गुलफाम की सूचना मिलने पर घेराबंदी की गई। उसने पुलिस पर फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ, जिसकी बाद में मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी 1-1 लाख रुपये के इनामी थे और उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। फिलहाल हमले के पीछे की साजिश और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।

मुठभेड़ के दौरान गुलफाम के साथ बाइक पर एक और व्यक्ति सवार था, जो अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं लोनी में हुई इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में अपराध और एनकाउंटर की नीति को लेकर बहस को हवा दे दी है। अब नजर इस बात पर है कि फरार आरोपी कब तक पुलिस की पकड़ में आता है और जांच में आगे क्या खुलासे होते हैं।

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