Mizoram News: मिजोरम में अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते हो रही ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से करीब 31 करोड़ रुपये की नशीली दवाएं बरामद की गई हैं।
तीन ऑपरेशन में 31 करोड़ की ड्रग्स जब्त
एनसीबी के अधिकारियों ने बताया कि सीमा क्षेत्र में तीन अलग-अलग जगहों पर एक साथ अभियान चलाया गया। इन समन्वित ऑपरेशनों के दौरान कुल 36.434 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और 905 ग्राम हेरोइन जब्त की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन नशीले पदार्थों की कीमत लगभग 31 करोड़ रुपये आंकी गई है।
Mizoram News: खुफिया सूचना पर चार तस्कर गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। इस पूरे अभियान में एसआईबी मिजोरम और राज्य के एक्साइज एवं नारकोटिक्स विभाग ने भी एनसीबी के साथ मिलकर काम किया। ऑपरेशन के दौरान एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और सही समय पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक म्यांमार का नागरिक भी शामिल है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
म्यांमार सीमा से ड्रग्स तस्करी सक्रिय
जांच एजेंसियों का मानना है कि मिजोरम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाके अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के लिए तस्करी के रास्ते के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। खासकर म्यांमार से लगी सीमा के जरिए बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ भारत में लाने की कोशिश की जाती है। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां इन इलाकों में लगातार निगरानी और अभियान चला रही हैं।
एनसीबी ने इस कार्रवाई को ड्रग्स के खिलाफ चल रही मुहिम की बड़ी सफलता बताया है। एजेंसी का कहना है कि नशीली दवाओं की तस्करी पर रोक लगाने के लिए केंद्र और राज्य की कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
ड्रग्स तस्करी रोकने को सतर्क एनसीबी
इसके साथ ही एनसीबी ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। एजेंसी ने कहा है कि अगर किसी को कहीं भी नारकोटिक्स से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत “मानस हेल्पलाइन” के टोल-फ्री नंबर 1933 पर सूचना दे सकते हैं। एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
एनसीबी अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी को रोकने के लिए उनकी टीमें हमेशा सतर्क रहती हैं। जैसे ही कोई पुख्ता जानकारी मिलती है, तुरंत घेराबंदी कर कार्रवाई की जाती है और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है। इससे पहले भी ऐसे कई अभियानों के जरिए ड्रग्स तस्करों को पकड़ा जा चुका है।






