West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि बंगाल की जनता इस तरह के प्रयासों का जवाब देगी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करेगी।
ममता बनर्जी का आरोप
ममता बनर्जी ने धरना स्थल पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर का लक्ष्य मतदाता सूची में बदलाव कर भाजपा को चुनावी लाभ देना है। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि भले ही उन्हें चुनाव आयोग का समर्थन मिल जाए, लेकिन वे बंगाल में चुनाव नहीं जीत पाएंगे, क्योंकि राज्य की जनता अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिए तैयार है।
West Bengal: मतदाता सूची में नाम हटने का सवाल
ममता बनर्जी ने यह भी सवाल उठाया कि जो लोग 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट डाल चुके थे, उनके नाम अब कैसे मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने यह तर्क दिया कि अगर वही लोग प्रधानमंत्री को चुनने के लिए वोट दे चुके थे, तो उनके नामों को अब अचानक अयोग्य घोषित करना गलत है।
राज्यपाल और राष्ट्रपति के कार्यक्रम पर सवाल
मुख्यमंत्री ममता ने पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे पर भी सवाल उठाया और इसकी जांच की मांग की। साथ ही, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम स्थल को बदलने के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया, जबकि राज्य सरकार ने सभी प्रोटोकॉल का पालन किया था।
ये भी पढ़ें…नेपाल में आरएसपी की महिला उम्मीदवारों ने हासिल की ऐतिहासिक जीत








