Uttam Nagar: दिल्ली के उत्तम नगर का ए–ब्लॉक, जहां कुछ दिन पहले तक होली की रौनक और बच्चों की हंसी गूंज रही थी, अब गहरे सन्नाटे में डूबा हुआ है। होली के दिन हुई 26 वर्षीय तरुण कुमार की हत्या के बाद पूरे इलाके में डर और बेचैनी का माहौल बना हुआ है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी लोगों की जिंदगी सामान्य नहीं हो पाई है।
बाजार बंद, गलियों में सन्नाटा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिन तंग गलियों में रोज बच्चों की चहल–पहल और बाजारों की भीड़ हुआ करती थी, वहां अब वीरानी पसरी हुई है। दुकानों के शटर गिरे हुए हैं और सड़कों पर पुलिस की बैरिकेडिंग लगी है। इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जगह–जगह पुलिस तैनात है और लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। एहतियात के तौर पर सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़ी कुछ दुकानें जैसे परचून और दवा की दुकानें ही खुलने दी गई हैं।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इलाके की स्थिति देखकर उन्हें कोरोना लॉकडाउन के दिन याद आ रहे हैं। उनके मुताबिक, यापार पूरी तरह ठप हो गया है। लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। वहीं निवासी दिनेश कुमार बताते हैं कि पहले शाम के समय पार्कों में बच्चों और युवाओं की भीड़ रहती थी। लोग टहलते थे, कसरत करते थे और परिवार के साथ समय बिताते थे। लेकिन अब पार्कों के गेट पर ताले लटके हैं और लोग अपने घरों में सिमट कर रह गए हैं।
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Uttam Nagar: बुलडोजर कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव
स्थानीय निवासी अमित के अनुसार, घटना के बाद प्रशासन की ओर से एक मकान पर बुलडोजर कार्रवाई किए जाने के बाद इलाके का माहौल और संवेदनशील हो गया है। इसके बाद से पूरे क्षेत्र को लगभग छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सोमवार को कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें बैरिकेड्स पर ही रोक दिया।
उत्तम नगर में होली के दिन हुई इस हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी 40 वर्षीय सायरा उर्फ काली समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन महिलाएं और एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के अनुसार अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपियों में सरीफन, सलमा, सुहैल उर्फ साहिल, समीर चौहान, फिरोज और इस्माइल के नाम भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
रंग का छींटा बना जानलेवा विवाद
पुलिस और पीड़ित परिवार के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब होली खेलते वक्त एक बच्ची की ओर से फेंका गया रंग भरा गुब्बारा नीचे गिरकर गुजर रही महिला पर फट गया। परिवार का कहना है कि उन्होंने तुरंत महिला से माफी भी मांग ली थी। लेकिन आरोप है कि इसके बाद विवाद बढ़ गया और महिला के परिजन व रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। इस दौरान मारपीट हुई।
बताया जाता है कि 26 वर्षीय तरुण कुमार उस समय अपने दोस्तों के साथ होली खेलकर घर लौट रहा था। वह पूरे विवाद से अनजान था। आरोप है कि रास्ते में कुछ लोगों ने उसे गली में घेर लिया और उस पर क्रिकेट बैट, लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल तरुण को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और भय का माहौल है। लोग आज भी उस दिन को याद कर सिहर उठते हैं, जब रंगों के त्योहार पर एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।







