UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस फैसले को खारिज कर दिया है जिसमें संभल मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने का आदेश दिया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असमर्थ हैं, तो उन्हें या तो इस्तीफा देना चाहिए या तबादला मांगना चाहिए, बजाय इसके कि वे अदालत से राहत की गुहार लगाएं।
जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने कहा कि राज्य का कर्तव्य है कि वह हर समुदाय को उनके पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा करने का अधिकार सुनिश्चित करे। खासकर जब पूजा स्थल निजी संपत्ति हो, तो राज्य की अनुमति के बिना पूजा करने का अधिकार सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। पुलिस और प्रशासन ने अदालत को बताया था कि बड़ी भीड़ के कारण सुरक्षा प्रबंध करना मुश्किल है। इसी आधार पर ईद पर सीमित संख्या में नमाज की अनुमति देने का निर्णय लिया गया था। हालांकि हाईकोर्ट ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया।

जुमे की नमाज में रही कड़ी सुरक्षा
पिछले साल संभल में जुमे की नमाज के दौरान दंगे की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पूरे शहर में सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी गई थी और नमाज में 2500 से अधिक लोग शामिल हुए थे। इस दौरान देश और दुनिया में अमन-शांति की दुआ की गई। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में प्रशासन किन तैयारियों के साथ इस मस्जिद में नमाजियों की संख्या और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
ये भी पढे़… संभल CO के बयान पर भड़के AIMIM चीफ ओवैसी बोले- ‘ये मुल्क आपके बाप का…’







