Iran crisis: इजरायल और अमेरिका के साथ करीब 15 दिनों से चल रही भीषण जंग के बीच ईरान ने अमेरिका को सीधी और कड़ी चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि अगर उसके तेल ठिकानों और ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रहे, तो वह अमेरिका से जुड़ी तेल सुविधाओं को “राख का ढेर” बना देगा। मिडिल ईस्ट में भड़के इस युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने लगा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
Iran crisis: ईरान की सख्त चेतावनी
ईरान ने साफ कहा है कि अगर उसके तेल और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया तो मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी कंपनियों से जुड़ी प्रमुख तेल और गैस सुविधाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। ईरान का दावा है कि ऐसे ठिकानों को “राख का ढेर” बनने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब दो हफ्तों से जारी इस जंग ने वैश्विक तेल बाजार को हिला कर रख दिया है और कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया है।
होर्मुज की नाकाबंदी जारी रखने का ऐलान
Iran crisis: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुझतबा खामेनेई ने एक दिन पहले बयान जारी कर कहा कि वह अपने पिता अली खामेनेई की शहादत का बदला लेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस नाकाबंदी और क्षेत्र में हो रहे हमलों की वजह से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़े तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है, खासकर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर।
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