CBI Action On Ambani: रिलायंस समूह से जुड़े एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI ने कार्रवाई तेज कर दी है। 228 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड केस में उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी को तलब कर उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि यह मामला रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) से जुड़ा है।
डायरेक्टर रहने के कारण CBI के रडार पर जय अनमोल
CBI के अनुसार, जिस समय यह कथित बैंक धोखाधड़ी हुई, उस दौरान जय अनमोल अंबानी RHFL के निदेशक (Director) थे। इसी वजह से जांच एजेंसी ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया।सूत्रों के मुताबिक, 13 मार्च 2026 शुक्रवार को CBI ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की। एजेंसी ने उन्हें 14 मार्च 2026 (शनिवार) को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया है, ताकि मामले से जुड़े अहम तथ्यों को समझा जा सके।
CBI Action On Ambani: यूनियन बैंक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
यह पूरा मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के बाद सामने आया। बैंक ने आरोप लगाया कि मेसर्स रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और उससे जुड़े अधिकारियों की वजह से बैंक को 228.06 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।इसके आधार पर CBI ने कंपनी, उसके प्रमोटरों निदेशकों और कुछ अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक साजिश धोखाधड़ी आपराधिक कदाचार जैसे गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज किया है।
CBI Action On Ambani: खाते को NPA और बाद में धोखाधड़ी घोषित किया गया
जांच के दौरान सामने आया कि RHFL का लोन खाता 30 सितंबर 2019 को NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया गया था। बाद में 10 अक्टूबर 2024 को इसे औपचारिक रूप से धोखाधड़ी Fraud घोषित कर दिया गया।आरोप है कि कंपनी ने अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों से भारी लोन लिया और भुगतान में अनियमितताएं कीं।
18 बैंकों और संस्थानों को हजारों करोड़ का नुकसान
जांच एजेंसियों के मुताबिक, RHFL ने केवल यूनियन बैंक ही नहीं बल्कि करीब 18 बैंकों, वित्तीय संस्थानों और कॉर्पोरेट निकायों से कुल 5572.35 करोड़ रुपये तक की वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया।CBI अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लोन की रकम का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया।
CBI की छापेमारी में मिले अहम दस्तावेज
इस मामले में CBI ने 9 नवंबर 2025 को मुंबई की विशेष CBI अदालत से वारंट लेकर कई जगहों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान RHFL के दो आधिकारिक परिसरों जय अनमोल अंबानी के आवास RHFL के पूर्व CEO और पूर्णकालिक निदेशक रविंद्र सुधालकर के घरपर तलाशी ली गई थी।जांच के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज मिले, जिन्हें कब्जे में लेकर आगे की जांच की जा रही है।CBI की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले में नए खुलासे होने की संभावना है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित बैंक धोखाधड़ी में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन किया गया।
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